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अफ़ग़ानिस्तान में सिखों पर जानलेवा हमला
अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी शहर जलालाबाद में एक आत्मघाती बम हमले में कम से कम 19 लोग मारे गए हैं. इनमें से अधिकतर लोग अल्पसंख्यक सिख समुदाय के हैं.
एक अधिकारी का कहना है कि ये लोग राष्ट्रपति अशरफ़ ग़नी से मिलने के लिए एक गाड़ी में सवार होकर जा रहे थे. उसी समय उन्हें हमले का निशाना बनाया गया.
राष्ट्रपति ग़नी नंगरहार प्रांत में दो दिन के दौरे पर आए हुए हैं. कुछ ही घंटे पहले उन्होंने जलालाबाद का दौरा किया था.
मारे गए लोगों में स्थानीय सिख नेता अवतार सिंह खालसा भी शामिल हैं.
अवतार सिंह खालसा एकमात्र सिख उम्मीदवार थे जो अक्टूबर में होने वाला संसदीय चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे. इस्लामिक स्टेट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.
काबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता सईद अनवर के मुताबिक, अवतार सिंह खालसा को हिंदू और सिख समुदाय के नुमाइंदे के तौर पर देखा जाता है. अफ़गानिस्तान के अलग-अलग सूबों में हज़ारों सिख रहते हैं जो क़ारोबार से जुड़े हुए हैं.
लेकिन बीते 20 वर्षों में दहशत की वजह से कई सूबों सें हिंदू और सिख समुदाय के लोग चले गए हैं. इनमें से कुछ भारत तो कुछ ने यूरोपीय देशों का रुख़ किया है.
देश के बाकी हिस्सों की तुलना में जलालाबाद में कई सिख और हिंदू परिवार रहते हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में आबादी का बड़ा हिस्सा मुसलमानों का है जहां सिख और हिंदू अल्पसंख्यक हैं.
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