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फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप: महिला रिपोर्टर का कैमरे पर यौन उत्पीड़न
एक महिला रिपोर्टर ने रूस में चल रहे फ़ुटबॉल विश्व कप की रिपोर्टिंग के दौरान सरेआम यौन उत्पीड़न की कहानी बयान की है.
कोलंबियाई संवाददाता जूलियथ गोंज़ालेज़ थेरान रूस की एक सड़क पर डॉयचे वेले स्पेनिश के लिए लाइव रिपोर्टिंग कर रही थीं, उसी वक़्त एक शख़्स अचानक आया, उनके स्तन पर हाथ रखा और उन्हें गाल पर चूमकर भाग गया.
जूलियथ उस वक़्त लाइव थीं और उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग बिना किसी रुकावट के जारी रखी. लेकिन बाद में इंटरनेट पर ही उन्होंने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, "हमारे साथ ऐसा सुलूक़ नहीं होना चाहिए. हम भी उतने ही सम्माननीय और पेशेवर हैं."
उन्होंने डॉयचे वेले को बताया कि वह लाइव रिपोर्टिंग के लिए दो घंटे से इस जगह पर थीं. उन्होंने बताया, "जब हम लाइव हो गए तो इस फैन ने मौक़े का फायदा उठाया. बाद में मैंने उसे खोजने की कोशिश की तो वह वहां से जा चुका था."
यह घटना पिछले हफ़्ते सारांस्क शहर की एक सड़क पर रूस और सऊदी अरब के बीच हुए मैच से कुछ देर पहले घटी. डॉयचे वेले ने इस घटना की फुटेज सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे 'हमला' और 'सरेआम उत्पीड़न' बताया है.
हालांकि सोशल मीडिया पर ही कुछ लोगों ने लिखा है कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है. एक ने आलोचनाओं को 'नारीवादी उन्माद' कहा है. कुछ ने लिखा है कि फैन के इस चुम्बन को 'स्वागत' या 'अभिवादन' की तरह देखना चाहिए.
डॉयचे वेले की प्रस्तोता क्रिस्टीना क्यूबस ने ट्वीट किया, "यह मज़ाक की बात नहीं है. यह चुम्बन नहीं, बिना सहमति के किया गया हमला है."
गोंज़ालेज़ के मुताबिक, "हर बार ऐसे प्रशंसक होते हैं जो आपका अभिवादन करते हैं, आपसे सम्मान से पेश आते हैं. लेकिन इस शख़्स ने हदें लांघ दीं."
महिला खेल संवाददाताओं के साथ उत्पीड़न की कई घटनाएं हो चुकी हैं. मार्च में 52 ब्राज़ीली संवाददाताओं ने एक अभियान शुरू किया था, जिसमें उन्होंने खिलाड़ियों और प्रशंसकों की ओर से चूमे और जकड़े जाने की घटनाएं साझा की थीं.
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