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पत्रकार की 'हत्या' पर यूक्रेन की आलोचना
रूस के चर्चित खोजी पत्रकार आर्काडी बाबचेंको की हत्या की ख़बर झूठी निकली और इसके लिए यूक्रेन की कड़ी आलोचना हो रही है.
ताज़ा जानकारी के मुताबिक़ यूक्रेन ने जान-बूझकर एक योजना के तहत मंगलवार को उनकी हत्या की फ़र्जी ख़बर फैलाई थी.
एक दिन पहले आई ख़बर में बताया गया था कि 41 साल के बाबचेंको की यूक्रेन की राजधानी कीव में गोली मारकर हत्या कर दी गई है.
मंगलवार को आई इस ख़बर के मुताबिक बाबचेंको की पत्नी ने गोली चलने की आवाज़ सुनी और जब वो बाहर आईं तो अपने पति को ख़ून में लथपथ पाया.
उनका कहना था कि बाबचेंको की पीठ पर गोलियां लगी थीं और अस्पताल ले जाते वक्त उनकी मौत हो गई.
यूक्रेन ने इस हत्या के पीछे रूस का हाथ होने की आशंका जताई थी और कहा था कि इस पूरे मामले में 'रूसी पैटर्न' दिख रहा है.
ये सारे दावे उस वक़्त झूठे साबित हो गए हत्या की ख़बर के 24 घंटे बाद बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में सबके सामने आ गए.
अब यूक्रेन का कहना है कि उसे रूसी एजेंटों का भंडाफोड़ करने के लिए बाबचेंको की हत्या की झूठी ख़बर फैलानी पड़ी.
यूक्रेन सुरक्षा सेवा के प्रमुख वसील हृट्सेक ने बुधवार को मीडिया से कहा कि ये सब एक बड़ा स्टिंग ऑपरेशन था जो बाबचंको की हत्या के उद्देश्य से रूसी सेना के भेजे हमलावर को पकड़ने के लिए किया गया था.
उन्होंने बताया कि रूसी सुरक्षाबलों ने यूक्रेन के ही एक नागरिक को बाबचेंको की हत्या करने के लिए तैयार किया था.
हृट्सेक का दावा है कि ये हमलावर बाबचंको की हत्या के लिए युद्धक्षेत्र के अनुभवी जानकारों समते कई लोगों से संपर्क में था और उन्हें बाबचेंको की हत्या के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक की पेशकश कर रहा था.
हमलावर के इस प्लान की सूचना किसी तरह यूक्रेन के सुरक्षाबलों तक पहुंच गई और उन्होंने इसका स्टिंग ऑपरेशन करने के लिए बाबचेंको की हत्या की झूठी ख़बर फैलाई.
पुलिस का कहना है कि उन्होंने इस मामले में एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है.
बाबचेंको का कहना है कि उन्हें इन सबके बारे में पता था और कोई दूसरा विकल्प न देखते हुए उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन में हिस्सा लेने का फ़ासला किया. हालांकि अभी इस बात की जानकरी नहीं है कि उनकी पत्नी को इसके बारे में पता था या नहीं.
बुधवार को कई लोग उस वक़्त तालियां बजाते देखे गए जब उन्होंने एक बाबचेंको को एक प्रेस कॉफ़्रेंस में आते देखा. बाबचेंको ने प्रेस कॉफ़्रेंस में आकर अपनी जान बचाने के लिए यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके पास इस नाटक का हिस्सा बनने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था.
बाबचेंको ने कहा कि उन्हें तक़रीबन एक महीने पहले रूस के एक षड्यंत्र का पता चला था जिसमें उनकी हत्या की योजना बनाई जा रही थी. उन्होंने ये भी बताया को वो पिछले कई दिनों से यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में थे.
रेडियो फ़्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी नेटवर्क ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें बाबचेंको के साथी उनके जीवित होने की ख़बर मिलने पर ख़ुशी जताते नज़र आ रहे हैं.
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जैकरेवा ने इस पूरे घटनाक्रम को प्रोपेगैंडा फैलाने का नाटक बताया है. उन्होंने कहा कि उन्हें बाबचेंको के ज़िंदा होने की ख़ुशी है.
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको ने कहा है कि वो बाबचेंको और उनके परिवार को सुरक्षा देने के लिए तैयार हैं.
बाबचेंको रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के मुखर आलोचक रहे हैं और उन्होंने एक साल पहले अपनी जान पर ख़तरा बताते हुए रूस छोड़ दिया था.
वो यूक्रेन और सीरिया में रूस की सैन्य कार्रवाई की भी कड़ी आलोचना करते रहे हैं.
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