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सीरिया में मिसाइल हमले में कई ईरानियों की मौत
रविवार रात को उत्तरी सीरिया में कई सैन्य ठिकानों पर हुए मिसाइल हमलों में दर्जनों सरकार समर्थक लड़ाकों के मारे जाने की रिपोर्टें हैं.
सीरियाई सेना के मुताबिक हमा और अलेप्पो प्रांतों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है.
हालांकि सेना ने हमले में मारे गए या घायल हुए लोगों के बारे में तुरंत कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन ब्रिटेन स्थित एक निगरानी समूह का कहना है कि इन हमलों में 26 सरकार समर्थक लड़ाके मारे गए हैं जिनमें अधिकतर ईरानी हैं.
अभी ये स्पष्ट नहीं है कि हमले के पीछे कौन है. पश्चिमी देश और इसराइल सीरिया के भीतर हमले करते रहे हैं.
मिसाइल हमले
इसी महीने अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में तीन ठिकानों पर मिसाइल हमले किए थे. इन देशों का कहना है कि ये ठिकाने सीरियाई सरकार के रासायनिक हथियार कार्यक्रम से जुड़े थे.
इसी बीच इसराइल ने होम्स प्रांत में एक हवाई अड्डे पर हमला किया है. रिपोर्टों के मुताबिक इस हवाई अड्डे का इस्तेमाल ईरान के ड्रोन कमांड सेंटर के रूप में किया जा रहा है और यहां ईरान की उन्नत हवाई रक्षा प्रणाली भी तैनात है.
इस हमले में 14 सैनिक मारे गए थे जिनमें से सात ईरानी थे.
इसराइल हमेशा से कहता रहा है कि सीरिया के भीतर अपने चिर प्रतिद्वंदी ईरान की सैन्य मौजूदगी मज़बूत नहीं होने देगा. ईरान सीरिया का सहयोगी देश है.
सीरिया की अधिकारिक समाचार एजेंसी सना ने एक शीर्ष सैन्य सूत्र के हवाले से कहा है कि जिन ठिकानों पर हमला हुआ है 'वो एक नए आक्रमण के लिए खुले थे.'
सैन्य सूत्र ने कहा है कि ये हमला विद्रोहियों की राजधानी दमिश्क़ के पास हार के बाद हुआ है. हाल ही में सीरियाई सरकारी सैन्य बलों ने पूर्वी गूटा क्षेत्र को विद्रोहियों के क़ब्ज़े से अपने क़ब्ज़े में लिया है.
आरोप
ब्रिटेन स्थित निगारनी समूह सीरियन ऑब्ज़रवेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स का कहना है कि हमले में हमा शहर के दक्षिण में स्थित 47वीं ब्रिगेड के सैन्य अड्डे पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के डीपो को निशाना बनाया गया है.
विद्रोही समर्थक वेबसाइट ओरिएंट न्यूज़ ने भी अपनी रिपोर्ट में बड़े धमाके होने की बात कही है और बताया है कि संभवतः हथियारों के भंडारण में ये धमाके हुए हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक हमा के पश्चिम में स्थित सलहाब इलाक़े और अलेप्पो के पास स्थित नैराब सैन्य हवाई अड्डे में भी मिसाइल हमले हुए हैं.
वहीं ईरान की तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने ईरान समर्थक अफ़ग़ान मिलिशिया के कमांडर के हवाले से कहा है कि अलेप्पो के पास उनके अड्डे पर हमला नहीं हुआ है.
सीरियन ऑब्ज़रवेटरी फॉर ह्यूमन राट्स (एसओएचआर) ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा है कि मारे गए 26 लड़ाकों में से चार सीरियाई हैं और बाकी विदेशी हैं जिनमें अधिकतर ईरानी हैं.
हमले में क़रीब 60 लड़ाके घायल भी हुए हैं. आशंका है कि मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है.
एसओएचआर का कहना है कि हमले किए जाने के तरीके से लगता है कि इसके पीछे इसराइल हो सकता है.
लेकिन इसराइल के इंटेलीजेंस मंत्री इसराइल कात्ज़ ने सोमवार सुबह कहा है कि उन्हें किसी हमले की जानकारी नहीं है.
उन्होंने इसराइल के आर्मी रेडियो से कहा, "सीरिया में चल रही हिंसा और अस्थिरता के पीछे ईरान के वहां अपनी सैन्य मौजूदगी स्थापित करने का नतीजा है. इसराइल सीरिया में उत्तरी मोर्चा खुलने नहीं देगा."
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