व्हाइट हाउस - ट्रंप जल्द से जल्द सीरिया से निकालना चाहते हैं सेना

इमेज स्रोत, AFP
अमरीका ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप जितना जल्दी संभव हो, अमरीकी सैनिकों को सीरिया से बाहर लाना चाहते हैं.
इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने ही राष्ट्रपति ट्रंप को सीरिया से अपने सैनिकों को वापस न बुलाने पर राज़ी किया था.
लेकिन अब व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सेरा सेंडर्स ने कहा है कि अमरीकी सैनिकों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाएगा. उन्होंने ये भी साफ़ किया कि ये सीरिया में अमरीकी मिशन में कोई बदलाव नहीं है.

इमेज स्रोत, Getty Images
इस महीने की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा कर दी थी कि अमरीका बहुत जल्द सीरिया से वापसी करने वाला है.
लेकिन इसके विपरीत बीते शनिवार अमरीका ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर संदिग्ध रासायनिक हमले के जबाव में सीरियाई सरकार के ठिकानों को निशाना बनाया था.
फ्रांस के राष्ट्रपति का ये भी दावा है कि उन्होंने अमरीका को इस बात के लिए राज़ी किया था कि हालिया हमलों को कुछ ही ठिकानों तक सीमित रखा जाए.
नए प्रतिबंधों की तैयारी

इमेज स्रोत, Getty Images
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद से संबंध रखने वाली रूस की कंपनियों पर अमरीका और प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है.
संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निक्की हैली ने कहा है कि इन नए प्रतिबंधों को सोमवार को सार्वजनिक किया जाएगा.
निक्की हैली ने उन ख़बरों से भी इंकार किया जिनमें कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप की सीरिया से अमरीकी सैनिकों को छह महीने के भीतर वापस बुलाने की योजना है.
उन्होंने कहा कि अमरीका ये सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सीरिया में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल आगे ना किया जा सके.
निक्की हैली ने कहा कि अमरीका सीरियाई क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट को हराने और ईरान के प्रभाव को बढ़ने से रोकने के लिए भी प्रतिबद्ध है.
रूस की चेतावनी

इमेज स्रोत, Getty Images
वहीं रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि सीरिया में पश्चिमी ताकतों की ओर से यदि और अधिक हमले किए गए तो इससे अंतरराष्ट्रीय जगत में अफरा-तफरी मच जाएगी.
ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान सीरियाई सरकार के दोनों सहयोगियों ने इस बात पर सहमति जताई कि पश्चिमी ताकतों के हमले की वजह से सीरिया में राजनीतिक समाधान की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा है.












