सीरिया पर बोले ट्रंप, 'मिशन पूरा हुआ'

अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने एक संयुक्त सैन्य कार्रवाई में सीरिया में कई ठिकानों पर बमबारी की है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बशर अल-असद की सरकार के उन ठिकानों पर ये हमले किए हैं जहां रासायनिक हथियारों के अड्डे थे.

हवाई हमलों के दौरान सीरिया के दमिश्क और होम्स शहर में तेज़ धमाके सुने गए. सीरिया की सरकार ने रासायनिक हथियारों से किसी हमले से इनकार दिया है.

राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार का कहना है कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों को उल्लंघन है.

सीरिया की सरकार के प्रमुख सहयोगी रूस ने चेतावनी दी है कि इसके नतीज़े सामने आएंगे.

सीरिया में हमले का अपडेट (भारतीय समयानुसार)

20:14बजे

रूस ने सुरक्षा परिषद से की निंदा की मांग

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा है कि वह सीरिया के ख़िलाफ संयुक्त सैन्य अभियान में दिखाई गई आक्रामकता की निंदा करे.

सीरिया पर अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस की सैन्य कार्रवाई पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाई गई है.

19:52 बजे

तुर्की ने किया कार्रवाई का स्वागत

तुर्की ने इस सैन्य कार्रवाई का स्वागत किया है. तुर्की के राष्ट्रपति तैयप ने एर्दोगन इस्तांबुल की एक बैठक में इसे 'उचित' बताया और सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की आलोचना की.

19:42 बजे

हमें सबूत दिखाएं रासायनिक हथियारों के: रूस

रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मॉस्को में कहा है कि रूस वो पहला देश है जो सीरिया में केमिकल अटैक रोकना चाहता है. उन्होंने फ्रांस के इस बयान पर सवाल उठाए जिसमें उसने सीरिया में रासायनिक हथियारों की मौजूदगी के सबूत होने की बात कही थी.

लावरोव ने कहा, "उन्होंने (फ्रांस ने) कहा कि उनके पास (डूमा में रासायनिक हमले के संबंध में) अकाट्य तथ्य हैं, लेकिन वो उन्हें हमसे साझा नहीं कर सकते."

उन्होंने कहा कि अगर सीरिया के पास रासायनिक हथियार पाए जाते हैं तो रूस ऐसे किसी भी हमले को रोकने वाला पहला देश होगा.

18:26 बजे

चीन ने की आलोचना

चीन ने अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन की ओर से किए गए हमलों की आलोचना की है. चीन ने कहा है कि एकतरफ़ा सैन्य कार्रवाई सुरक्षा परिषद के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करती है.

चीन सरकार ने एक बयान जारी कर संदिग्ध रासायनिक हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और सभी पक्षों से संवाद की अपील की है.

बयान में यह भी कहा गया है कि रातोंरात किए गए इस तरह के हमले सीरियाई मसले को और जटिल ही बनाएंगे.

18:01 बजे

ट्रंप का ट्वीट, मिशन पूरा

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्विटर पर इन हमलों को सफल बताते हुए ट्वीट किया है. उन्होंने सहयोग के लिए फ्रांस और ब्रिटेन को धन्यवाद दिया है और अमरीकी सेना पर गर्व जताया है.

उन्होंने लिखा, "बीती रात सटीक हमले किए गए. फ्रांस और ब्रिटेन का उनकी बुद्धिमत्ता और उनकी शानदार सेना की शक्ति के लिए धन्यवाद. इससे बेहतर नतीजे नहीं हो सकते थे. मिशन पूरा हुआ."

उन्होंने लिखा, "हमारी महान सेना पर मुझे गर्व है जो कुछ बिलियन डॉलर ख़र्च करने के बाद अमरीकी इतिहास की सबसे ताक़तवर सेना बन जाएगी. इसके आस-पास भी कोई नहीं होगा."

17:40 बजे

'65 मिसाइलें रोकी गईं'

ब्रिटेन स्थित निगरानी समूह सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि सीरियाई सेना के रक्षा तंत्र ने अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस की 65 से ज़्यादा मिसाइलों को रोका है.

इससे पहले रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि कुल 103 में से 71 मिसाइलों को सीरिया के वायु रक्षा तंत्र ने रोका है.

16:50 बजे

अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के ख़िलाफ़ हवाई हमले: चीन

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा है कि चीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में बल के इस्तेमाल का और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों के बुनियादी नियमों के उल्लंघन का लगातार विरोध करता रहा है.

16:43 बजे

OPCW का डूमा अभियान जारी रहेगा

द ऑर्गनाइज़ेशन फॉर द प्रिवेंशन ऑफ केमिकल वेपन्स (ओपीसीडब्ल्यू) सीरिया के डूमा में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के आरोपों की जांच जारी रखेगा.

सीरिया, रूस और ईरान के अधिकारियों ने कहा था कि हो सकता है कि अमरीका और उसके सहयोगी देशों के हमले ओपीसीडब्ल्यू की जांच को प्रभावित करने के मकसद से किए जा रहे हों.

16:33 बजे

फ्रांस ने डूमा पर अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की

फ्रांस ने कहा है कि उसने सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध संसाधनों और विश्वसनीय खुफिया सेवाओं से मिली जानकारी का विश्लेषण किया और यह पाया कि डूमा में पिछले हफ़्ते सीरिया की सरकारी सेनाओं ने रासायनिक हमला किया था.

इस संबंध में फ्रांस सरकार ने एक ख़ुफिया रिपोर्ट भी सार्वजनिक की है.

16:13 बजे

'हवाई हमले बेअसर'

सीरिया में बशर अल-असद की सरकार के ख़िलाफ़ कई विद्रोही संगठन गृह युद्ध में शामिल हैं.

ज़्यादातर विद्रोही संगठनों को ये उम्मीद थी कि इन हवाई हमलों से बशर अल-असद की सरकार कमज़ोर होगी.

लेकिन ग्राउंड से मिल रही रिपोर्टों में ये कहा जा रहा है कि विद्रोही नेता मोहम्मद अलौश ने पश्चिमी देशों के हवाई हमलों को बेअसर बताया है.

विद्रोही संगठन जैश अल-इस्लाम के नेता मोहम्मद अलौश का कहना है कि पश्चिमी हमले में गुनाह के औज़ार पर चोट की गई है न कि गुनाह को अंज़ाम देने वाले गुनहगार पर.

16:13 बजे

ईरान ने ली राहत की सांस

बीबीसीफारसी सेवा के कसरा निज़ामी के मुताबिक़ सीरिया पर पश्चिमी देशों का हमला आशंका के उलट छोटे स्तर पर किया गया है जिससे ईरान ने राहत की सांस ली है.

हाालंकि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खुमैनी ने कहा है कि सीरिया पर हमला करना एक गुनाह है.

उन्होंने यहां तक कहा कि अमरीका और फ्रांस के राष्ट्रपति और ब्रितानी प्रधानमंत्री एक अपराधी हैं. उन्हें इन हमलों से कुछ भी हासिल नहीं होगा.

15:57 बजे

'सीरिया का इरादा और पक्का'

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद ने अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस के हवाई हमलों का जवाब देते हुए कहा है कि सीरिया और उसके लोगों का देश में चरमपंथ के ख़ात्मे का इरादा और पक्का हुआ है.

बशर अल-असद ने फोन पर ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी से बात की और राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल पर इसे जारी किया गया है. उन्होंने पश्चिमी देशों पर सीरिया में चरमपंथ को समर्थन देने का आरोप लगाया है.

15:53 बजे

'शांति वार्ता को ख़तरा'

रूस के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि सीरिया पर हवाई हमले से शांति वार्ता की कोशिशों को धक्का पहुंचेगा.

रूसी समाचार एजेंसी आरआईए ने मारिया ज़खारोवा के हवाले से कहा है, "इस कार्रवाई ने विद्रोहियों और चरमपंथियों को ये संदेश दिया है कि वे जो कर रहे हैं, सही कर रहे हैं."

15:39 बजे

'मध्यपूर्व पर कोई असर नहीं'

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अमरीकी नेतृत्व में सीरिया पर हवाई हमले की तीखी आलोचना की है.

उन्होंने कहा, "अमरीकी हमलों का मध्यपूर्व पर सिवाय बर्बादी का कोई असर नहीं होने वाला है. पश्चिमी ताकतें मध्यपूर्व में अपनी मौजूदगी को इन हमलों के जरिए वाजिब ठहराना चाहते हैं."

14:43 बजे

'जांच का इंतज़ार करना ज़रूरी क्यों नहीं समझा?'

जर्मन मीडिया ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे से पूछा कि क्यों ब्रिटेन ने सीरिया के डूमा में हुए कथित रासायनिक हमलों के संबंध में अंतरराष्ट्रीय जांच के नतीजों का इंतज़ार नहीं किया.

इस पर मे ने कहा कि ब्रिटेन ने अपने स्तर पर यह पता लगाया है कि डूमा में क्या हुआ था. कथित घटना पर ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ द प्रिवेंशन ऑफ केमिकल वेपन्स (ओपीसीडब्ल्यू) की जांच लंबित है.

सीरिया, रूस और ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि ताज़ा हवाई हमले इसी जांच को बेअसर करने के लिए किए गए हैं.

14:25 बजे

हमले कामयाब होंगे: ब्रिटेन

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने कहा है कि हमले की कार्रवाई से पहले रूस से किसी तरह का संपर्क नहीं किया गया था. उन्होंने कहा कि हमले से पहले पूरी योजना बनाई गई थी ताकि आम नागरिकों को कम से कम नुक़सान पहुंचे.

14:19 बजे

'हमलों से पहले रूस से चर्चा नहीं'

यह पूछे जाने पर कि क्या हमलों से पहले रूस से इस बारे में संवाद किया गया, ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने इससे इनकार किया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई से पहले इसके पुख़्ता इंतज़ाम और तैयारी की गई कि इसका असर आम नागरिकों पर कम से कम पड़े.

14:08 बजे

कार्रवाई को जर्मनी का समर्थन

जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने सीरिया पर हवाई हमलों का समर्थन किया है. उन्होंने इसे एक ज़रूरी कदम बताया.

14:05 बजे

रक्षा मामलों के बीबीसी संवाददाता फ्रैंक गार्डनर का विश्लेषण

बीबीसी के रक्षा मामलों के संवाददाता फ़्रैंक गार्डनर के मुताबिक़ सीरिया पर हमले की कार्रवाई का मक़सद असद हुकूमत को इस हद तक कमज़ोर करना है कि रासायनिक हथियारों से फिर हमले न किए जा सकें लेकिन इनका पैमाना इतना बड़ा भी नहीं है कि सीरिया के संघर्ष की सूरत बदल जाए या रूस इसका बदला ले.

13:56 बजे

'असद सरकार को संदेश'

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री गैविन विलियमसन ने कहा है कि ब्रितानी वायुसेना ने बशर अल-असद की सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है.

13.52 बजे

रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर लगे रोक: मे

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने सीरिया में संदिग्ध रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को पूर्व रूसी जासूस सर्गेई स्क्रिपल को ज़हर देने की कोशिश से जोड़ा है. उन्होंने दुनिया में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए वैश्विक क़ानून बनाए जाने की मांग की है.

13:40 बजे

सरकार के पक्ष में नारेबाज़ी

सीरिया में मौजूद बीबीसी संवाददाता लाना अंटाकी के मुताबिक़ दमिश्क में ज़िंदगी रोज़मर्रा की तरह ही शनिवार को भी शुरू हुई. दमिश्क के प्रमुख चौराहे पर दर्ज़नों लोगों ने इकट्ठा होकर बशर अल-असद की सरकार और सीरिया के पक्ष में नारेबाज़ी की.

13:33 बजे

पुतिन ने की हमलों की कड़ी आलोचना

बीबीसी की मॉनीटरिंग सेवा का कहना है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के सहयोगी देश सीरिया पर पश्चिमी देशों के हमलों की कड़ी आलोचना की है. रूस के सरकारी टीवी पर पुतिन ने अपने बयान में इसे उकसावे की कार्रवाई बताया.

13:33 बजे

'क़ानूनी सवाल खड़े हो सकते हैं'

ब्रिटेन में विपक्ष के नेता जेरेमी कॉर्बन ने कहा है कि सीरिया पर हवाई हमला शुरू करने की 'कार्रवाई पर क़ानूनी सवाल खड़े' हो सकते हैं.

13:27 बजे

हवाई हमले बेहद सफल: ब्रिटिश रक्षा मंत्री

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री गैविन विलियमसन ने सीरिया पर ब्रितानी हवाई हमलों को बेहद कामयाब बताया है.

उन्होंने बताया कि ब्रिटेन की तरफ़ से चार लड़ाकू विमानों के बेड़े ने इस कार्रवाई में हिस्सा लिया था जो सुरक्षित वापस लौट आया है. प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने कहा है कि वे संसद में सोमवार को इस सैन्य कार्रवाई पर बयान देंगी. उन्होंने अपने निर्णय का बचाव किया है.

13:11बजे

'सीरिया पर सज़ा के तौर पर सीमित हमले'

बीबीसी के मध्यपूर्व मामलों के संवाददाता जेरेमी बॉवेन का कहना है कि सीरिया पर सज़ा के तौर पर सीमित हमले किए गए हैं.

पिछले दिनों जिस तरह से बयानबाज़ी में उलझे थे, उसकी तुलना में पश्चिम और रूस ने ज़्यादा समझदारी दिखलाई है. सीरिया की सरकार को निशाना नहीं बनाया गया है.

रूस और ईरान को टारगेट नहीं किया गया है. रूसियों ने भी कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की. हालांकि उन्होंने अपना एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया था. दोनों ही पक्ष बात बढ़ाने से बचते हुए दिखे.

सीरिया के इन ठिकानों पर हुआ हमला

पेंटागन में अमरीकी अधिकारी के मुताबिक़ इन सीरियाई ठिकानों पर हमला किया गया है-

  • दमिश्क में स्थित एक वैज्ञानिक शोध संस्थान जो कथित रूप से रासायनिक और जैविक हथियारों के उत्पादन से जुड़ा था.
  • होम्स शहर के पश्चिमी इलाके में स्थित रासायनिक हथियारों को रखने का ठिकाना.
  • होम्स शहर में एक अहम सैन्य ठिकाना जहां रासायनिक हथियारों से जुड़ी सामग्री को रखा जाता था.

सीरिया के सरकारी टेलीविज़न ने कहा है कि सीरियाई सैन्य बलों ने एक दर्जन से ज़्यादा मिसाइलों को मार गिराया है.

अमरीका में रूसी राजदूत ने बताया है कि उसके सहयोगी देश पर हुए इस हमले के नतीजे सामने आएंगे.

टॉमहॉक मिसाइल से हमला

अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, "फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम की सशस्त्र सेनाओं के साथ एक ऑपरेशन चल रहा है."

अमरीकी राष्ट्रपति ने ये भी कहा है कि इसका उद्देश्य "रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल, प्रसार और उत्पादन पर अंकुश" लगाने की कोशिश है.

सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद के बारे में बात करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "ये किसी इंसान नहीं बल्कि एक शैतान के अपराध है."

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से बात करते हुए एक अमरीकी अधिकारी ने कहा है कि सीरिया के ख़िलाफ़ कई ठिकानों पर टॉमहॉक मिसाइलों से हमला किया गया है.

ब्रिटेन और फ्रांस ने की पुष्टि

ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने इस हमले में ब्रिटेन के शामिल होने की पुष्टि करते हुए बताया है, "बल प्रयोग के अलावा कोई और व्यावहारिक विकल्प नहीं था."

हालांकि, उन्होंने ये भी कहा है कि इस मिसाइल हमले का मकसद "सत्ता परिवर्तन" नहीं था.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यूनाइटेड किंगडम की ओर से चार टोरनाडो जेट्स ने होम्स शहर के नज़दीक स्थित के सैन्य ठिकाने पर हमला किया है. ऐसा माना जाता है कि इस ठिकाने पर रासायनिक हथियारों से जुड़ी सामग्री रखी जाती थी.

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमेनुअल मैक्रों ने इस कार्रवाई में फ्रांस के शामिल होने की पुष्टि की है.

सीरिया ने की बर्बर हमले की निंदा

सीरिया के विदेश मंत्रालय से जुड़े सूत्र ने पश्चिमी देशों के इस क्रूर और बर्बर हमले की घोर निंदा की है.

बीबीसी संवाददाता मिशाल हुसैन ने सीरियाई सरकार के सलाहकार से बात की है.

इस बातचीत में सरकार के सलाहकार ने कहा है कि अगर मामला रासायनिक हथियारों का था तो ओपीसीडब्ल्यू के जांच कर्मी अभी अभी सीरिया आए हैं, उनके आकलन का इंतज़ार करिए.

उन्होंने इस हमले को युद्ध की शुरुआत बताया है.

अधिकारिक न्यूज़ एजेंसी सना ने ख़बर दी है कि मिसाइल हमले में दमिश्क स्थित शोध केंद्र समेत राजधानी के ही कई अन्य सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.

इसके साथ ही होम्स में होने वाले मिसाइल हमले में तीन आम लोग घायल हुए हैं.

सना ने एक अज्ञात सूत्र के हवाले से कहा, "जब चरमपंथी हार गए तो अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन ने आक्रामकता के साथ सीरिया के ख़िलाफ़ कार्रवाई की है."

"सीरिया के ख़िलाफ़ अमरीकी, फ्रांसीसी और ब्रितानी आक्रमण विफल साबित होगा"

सीरिया ने रासायनिक हमले में शामिल होने से इनकार किया था.

सीरिया के सहयोगी देश रूस ने चेताया था कि सीरिया के ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों की किसी सैन्य कार्रवाई से युद्ध शुरू हो सकता है.

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