ग़ूटा में विद्रोहियों पर सीरियाई सेना की अहम बढ़त

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सीरिया से आ रही रिपोर्टों के मुताबिक विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले पूर्वी ग़ूटा की ओर बढ़ रहे सरकारी सैन्य बलों ने अहम बढ़त हासिल की है.
सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक सैनिकों ने क्षेत्र के सबसे बड़े क़स्बे डूमा को पूरी तरह अलग कर दिया है जबकि एक अन्य क़स्बे को भी अलग-थलग कर दिया है.
सरकारी सेना की इस बढ़त के बाद पूर्वी ग़ूटा क्षेत्र दो हिस्सों में बंट गया है.
पूर्वी ग़ूटा को फिर से नियंत्रण में लेने के लिए सीरियाई सरकार ने बीते महीने बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया था.
राजधानी दमिश्क के पास विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाला ये अंतिम इलाक़ा रह गया है.
अभियान शुरू करने के बाद से सरकारी बलों ने आधे इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया है. भीषण लड़ाई में अब तक 900 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं.
पूर्वी ग़ूटा में सरकारी सैन्य बलों की रणनीति स्पष्ट है. वो विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाक़े को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर विद्रोहियों की आपूर्ति लाइन को ठप्प करना चाहते हैं.
बीबीसी के अरब मामलों के संपादक सेबैस्टियन उशर का कहना है कि अब सरकार इस मक़सद को हासिल करती दिख रही है.
रिपोर्टों के मुताबिक सरकारी बलों ने मिसराबा क़स्बे पर नियंत्रण कर लिया है और पास के इलाक़ों में आगे बढ़ रहे हैं.

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मिसराबा उस अहम सड़क पर है जो उत्तर में डूमा को पश्चिम के बड़े क़स्बे हरास्ता से जोड़ती है.
यदि इन रिपोर्टों की पुष्टि हो जाती है तो सीरियाई सेना की इस बढ़त के बाद विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाला इलाक़ा तीन हिस्सों में बंट जाएगा.
यह इलाका डूमा और उसके उत्तरी हिस्से में बसा शहर, पश्चिमी हरस्ता और दक्षिण की तरफ़ के बाकी इलाके में बंट जाएगा.
सीरिया के सरकारी समाचार चैनल के मुताबिक़ सेना ने पूर्वी ग़ूटा को भी अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया है, लेकिन विद्रोही समूह के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रायटर्स को बताया कि हरस्ता और डूमा में से कोई भी शहर बंटा नहीं है.
इस बीच एक विपक्षी वेबसाइट ने बताया कि जिहादियों के एक समूह हयात तहरीर अल-शाम(एचटीएस) पूर्वी ग़ूटा के केंद्रीय हामा इलाके में पहुंच गया है.
चार लाख लोग फंसे
शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र की एक टुकड़ी ने पूर्वी ग़ूटा में सहायता सामग्री पहुंचाई थी. पिछले सात साल से सीरिया में चल रहे गृह युद्ध में अभी भी चार लाख लोगों के फंसे होने की आशंका है.
पूर्वी ग़ूटा में विद्रोहियों का कोई एकजुट समूह नहीं है. इनमें बहुत से गुट शामिल हैं जिसमें जिहादी भी हैं. दो सबसे बड़े समूह जैश-अल-इस्लाम और उसका प्रतिद्वंदी समूह फयलक़ अल-रहमान शामिल हैं.
पूर्वी ग़ूटा राजधामी दमिश्क से इतना क़रीब है कि विद्रोही आसानी से पूर्वी ग़ूटा से मोर्टार का हमला राजधानी तक कर सकते हैं और इससे कई नागरिकों की जान को ख़तरा हो सकता है.
सीरियाई सरकार इस इलाके को अपने कब्ज़े में करना चाहती है. सरकार ने एचटीएस की मौजूदगी को इस इलाके के लिए ख़तरनाक बताया है. वहीं संयुक्त राष्ट्र की तरफ़ से जारी किए संघर्ष विराम से एचटीएस को अलग रखा गया था.
यह समूह नुसरा फ़्रंट के नेतृत्व वाले गुटों का गठबंधन है, जो अल-क़ायदा से ही उभरा है.
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