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अगल-बगल बैठे किम की बहन और माइक पेंस
आख़िरकार एक झंडे के नीचे आ गए उत्तर और दक्षिण कोरिया.
दोनों देशों की टीमों ने शुक्रवार को हुए विंटर ओलंपिक के उद्घाटन समारोह में एक साथ मार्च किया.
विंटर ओलंपिक में भाग लेने के लिए उत्तर कोरिया की टीम, कलाकारों और चीयरलीडर्स के अलावा किम जोंग-उन की बहन और उत्तर कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष भी प्योंगचांग पहुंचे हुए हैं.
अमरीका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस भी उद्घाटन समारोह के लिए वहां मौजूद हैं.
दोनों देशों के नेताओं की एक जगह मौजूदगी से लोग अटकलें लगा रहे थे कि हो सकता है कि दोनों एक-दूसरे से मुख़ातिब होने का मन बना लें.
दोनों को साथ में एक आधिकारिक डिनर में शरीक़ भी होना था.
माइक पेंस डिनर में पहुंचे तो लेकिन पांच मिनट बाद ही वहां से चले गए.
राष्ट्रपति मून ने हाथ मिलाया लेकिन पेंस ने नहीं
उद्घाटन समारोह में किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग और माइक पेंस को अगल-बगल बिठाया गया.
समाचार एजेंसी यनहैप के मुताबिक़, दोनों नेता एक बार को आमने-सामने आए लेकिन कोई बातचीत नहीं हुई. साथ बैठने के बावजूद दोनों एक-दूसरे से बचते नज़र आए.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेइ-इन ने किम यो-जोंग के साथ हाथ मिलाया.
इससे पहले डिनर में भी माइक पेंस और किम यो-जोंग के साथ गए उत्तर कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष किम योंग-नाम का स्वागत राष्ट्रपति मून ने ही किया था.
उन्होंने और जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो अबे ने किम योंग से हाथ मिलाया लेकिन माइक पेंस ने नहीं.
कौन हैं किम यो-जोंग?
किम की बहन दक्षिण कोरिया जाने वाली अपने परिवार की पहली सदस्या हैं.
किम यो-जोंग अपने भाई की बेहद क़रीबी मानी जाती हैं.
सक्रिय राजनीति में उनकी भूमिका बढ़ाने के लिए उन्हें पिछले साल पोलितब्यूरो का सदस्य भी बनाया गया.
किम जोंग-उन अपने फ़ैसले पोलितब्यूरो के ज़रिए लेते हैं.
माना जाता है कि प्रोपेगैंडा विभाग में अहम भूमिका निभाने वाली उनकी बहन अपने भाई की छवि सुधारने पर काम कर रही हैं.
हालांकि अमरीका ने उन पर मानवाधिकार हनन के आरोप के चलते पाबंदी लगा रखी है.
30 साल की हैं किम यो-जोंग
कोरियाई देश 1950-53 तक चली जंग के बाद अलग हो गए थे.
दोनों देशों के रिश्तों में तब से बहुत उतार-चढ़ाव आते रहे हैं लेकिन दोनों ने आज तक किसी शांति समझौते पर दस्तख़त नहीं किए.
किम यो-जोंग की उम्र 30 साल है. 26 सितंबर 1987 को जन्मीं यो-जोंग अपने भाई से चार साल छोटी हैं.
किम जोंग-उन के पिता किम जोंग-इल की पांच पत्नियां थी, उनके कुल सात बच्चे थे.
किम यो और किम जोंग-उन दोनों, एक ही मां की संतान हैं और दोनों ने स्विटजरलैंड में साथ-साथ पढ़ाई की है.
उनके माता किम जोंग-इल की तीसरी पत्नी और कभी नृत्यांगना रहीं को योंग-हुई हैं.
तीन भाई-बहनों में यो-जोंग सबसे छोटी हैं, उनसे बड़ा एक भाई और है जिनका नाम किम जोंग-चोल है.
किम यो-जोंग अक्सर किम जोंग-उन के साथ फ़ील्ड दौरों पर दिखती हैं. वे पार्टी के प्रचार अभियान में भी प्रमुखता से शामिल रहती हैं.
बताया जाता है कि यो-जोंग ने अपनी ही पार्टी के सचिव चोए योंग-हे के बेटे से शादी की है.
यो-जोंग सार्वजनिक जीवन में पहली बार 2012 में अपने पिता के अंतिम संस्कार के मौक़े पर नज़र आईं.
इसके बाद वे साल 2014 में अपने भाई के सत्ता संभालने के मौक़े पर भी दिखाई दीं.
शनिवार को प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे राष्ट्रपति
बीबीसी की दक्षिण कोरिया से जुड़े मामलों की संवाददाता लॉरा बिकर के मुताबिक़ किम यो-जोंग के आने से माना जा रहा है कि किम जोंग-उन दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने को लेकर गंभीर हैं.
हालांकि उद्घाटन समारोह से ठीक पहले गुरुवार को सैन्य परेड करके उत्तर कोरिया ने जता दिया है कि उसके बारे में कुछ भी कहना जल्दबाज़ी हो सकती है.
उत्तर कोरिया में हर साल होने वाली यह सैन्य परेड आम तौर पर अप्रैल महीने में होती थी लेकिन इस बार किम जोंग ने इसे फ़रवरी में करवा दिया.
इस बीच दक्षिण कोरिया ने भी कहा है कि उसके राष्ट्रपति शनिवार को उत्तर कोरिया के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात करेंगे.
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