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विंटर ओलंपिक से पहले किम जोंग उन ने क्यों दिखाई ' सैन्य ताक़त'?
उत्तर कोरिया ने पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया में शुक्रवार से शुरू हो रहे शीतकालीन ओलंपिक खेलों से ठीक एक दिन पहले शक्ति प्रदर्शन किया.
उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन अपनी सेना की ताक़त देखने के लिए मौजूद रहे, हालांकि सैन्य परेड का टेलीविजन पर सीधा प्रसारण नहीं था और ख़बरों में कहा गया कि टेलीविजन पहले की फ़ुटेज दिखा रहा था.
आमतौर पर उत्तर कोरिया दुनिया के सामने अपनी ताक़त का प्रदर्शन हर साल अप्रैल के महीने में करता है, लेकिन इस बार उसने ये प्रदर्शन उस वक़्त किया है जब दुनिया भर के देशों के खिलाड़ी उसके पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया में शीतकालीन ओलंपिक खेलों के लिए जुट रहे हैं.
उत्तर कोरिया ने भी उम्मीद के उलट इन खेलों में अपने खिलाड़ियों को भेजने का फ़ैसला किया है. उद्घाटन समारोह में उत्तर और दक्षिण कोरिया की टीमें एक ही झंडे के तले मार्च पास्ट में हिस्सा लेंगी.
दक्षिण कोरिया ने गुरुवार को घोषणा की कि उसके राष्ट्रपति शनिवार को उत्तर कोरिया के ओलंपिक दल से मुलाक़ात करेंगे. इस ओलंपिक दल में किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग भी शामिल हैं.
किम यो-जोंग पूर्व उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-इल की सबसे छोटी बेटी हैं. पिछले साल उनकी राजनीतिक भूमिका बड़ी करते हुए उन्हें पोलितब्यूरो में शामिल किया गया था.
परेड के बारे में हम क्या जानते हैं?
गुरुवार को उत्तर कोरिया का सरकारी टेलीविजन सैन्य परेड का प्रसारण करने लगा. सैन्य परेड के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी.
हालाँकि ये सैन्य परेड पिछले कुछ सालों में होने वाली परेड के मुक़ाबले छोटी थी और टेलीविजन फ़ुटेज में दिख रहा है कि किम जोंग उन परेड का जायज़ा ले रहे हैं. साथ में उनकी पत्नी रि सोल जु भी हैं. परेड में भारी हथियारों का भी प्रदर्शन किया गया.
किम जोंग उन ने कहा कि 'उत्तर कोरिया विश्व स्तरीय सैन्य ताक़त' बन गया है.
ये सालाना प्रदर्शन आमतौर पर अप्रैल में कोरियाई पीपल्स आर्मी के स्थापना दिवस के मौके पर होता है, पिछले 40 सालों में ये पहली बार है जब इसका आयोजन अप्रैल के बजाय फ़रवरी में किया गया है.
उत्तर कोरिया में इस तरह की सैन्य परेड को उच्च प्राथमिकता में रखा जाता है और एक तरह से दुनिया को दिखाया जाता है कि उसकी सेना में कितना दम है. पिछले साल यानी 2017 में उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य परेड का सीधा प्रसारण सरकारी टेलीविजन पर किया था और इसे कवर करने के लिए कई विदेशी पत्रकारों को भी आमंत्रित किया था.
पिछले महीने दक्षिण कोरिया की सरकार ने कहा था कि राजधानी प्योंगयांग के एक एयरपोर्ट के पास तकरीबन 13 हज़ार सैनिकों और 200 बड़े सैन्य हथियारों को देखा गया है. लगता है कि ये सैनिक और हथियार इसी सैन्य परेड की रिहर्सल का हिस्सा थे.
सैन्य परेड अभी क्यों?
अमरीका और अन्य देशों की परवाह न करते हुए उत्तर कोरिया ने सैन्य परेड का आयोजन किया, तो इसकी वजह ये हो सकती है कि वो दुनिया को अपनी सैन्य ताक़त दिखाने का मौका नहीं गंवाना चाहता.
लेकिन जानकारों का मानना है कि सैन्य परेड का टेलीविजन पर सीधा प्रसारण न करना दिखाता है कि किम जोंग उन परेड को बहुत बढ़ाचढ़ाकर नहीं दिखाना चाहते.
उत्तर कोरिया पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं.
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