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मालदीव: पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने भारत और अमरीका से मदद मांगी
मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत और अमरीका से देश में चल रहे राजनीतिक संकट में हस्तक्षेप करने को कहा है.
मोहम्मद नशीद फ़िलहाल श्रीलंका में रह रहे हैं.
उन्होंने भारत से कैदियों की रिहाई में मदद करने को कहा है और अमरीका से फ़िलहाल सरकार में मौजूद नेताओं के आर्थिक लेन-देन पर रोक लगाने की मांग की है.
मालदीव में फ़िलहाल आपातकाल लगा हुआ है.
संकट की शुरुआत तब हुई जब राष्ट्रपति अब्दुल्ला यमीन ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को मानने से इनकार कर दिया जिसमें अदालत ने उन्हें राजनीतिक क़ैदियों को रिहा करने के लिए कहा था.
इसके बाद राष्ट्रपति ने न सिर्फ़ 15 दिन के आपातकाल का एलान कर दिया बल्कि चीफ़ जस्टिस को भी हिरासत में ले लिया.
विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार सवाल उठाने वाली आवाज़ों को दबा रही है. लेकिन एक टीवी संदेश में राष्ट्रपति यमीन ने कहा कि जज तख़्तापलट की साजिश रच रहे थे.
'भारत वहां जाकर मामले में दखल दे'
इस बीच मोहम्मद नशीद ने एक ट्वीट कर कहा कि "मालदीव के लोगों की ओर से हम विनम्रता से मांग करते हैं कि,
1. भारत पूर्व राष्ट्रपति गयूम समेत सभी राजनीतिक क़ैदियों को छुड़ाने के लिए अपना एक राजनियक भेजे जिसे सेना का समर्थन भी हासिल हो. हम चाहते हैं कि भारत वहां जाकर मामले में दखल दे.
2. हम अमरीका से मांग करते हैं कि वह मालदीव की सरकार के सभी नेताओं के अमरीकी बैंकों के ज़रिए होने वाले पैसे के लेन-देन पर रोक लगा दे."
मोहम्मद नशीद ने एक बयान भी जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि "राष्ट्रपति यमीन ने ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से मार्शल लॉ लगाया है. हमें उन्हें सत्ता से हटा देना चाहिए."
मालदीव सरकार के इस कदम की विपक्ष और कई देशों की सरकारों ने निंदा की है. अमरीका ने भी इस पर चिंता ज़ाहिर की है.
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