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मुसलमानों की भावनाओं का ख़्याल रखते हुए मलेशिया में पद्मावत बैन
मलेशिया के सेंसर बोर्ड ने भारतीय फ़िल्मवत की अपने देश में रिलीज़ पर रोक लगा दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के नेशनल फ़िल्म सेंसरशिप बोर्ड (एलपीएफ़) के चेयरमैन का कहना है कि फ़िल्म से देश के मुसलमानों की भावनाएं भड़क सकती हैं.
संजय लीला भंसाली निर्देशित इस फ़िल्म को मलेशिया में मुसलमानों की भावनाओं का ख़्याल रखते हुए प्रतिबंधित कर दिया गया है.
सेंसर बोर्ड के चेयरमैन मोहम्मद ज़ांबेरी अब्दुल अज़ीज़ ने एक बयान में कहा है कि इस भव्य रूप में निर्मित इस फ़िल्म से देश के मुसलमान नाराज़ हो सकते हैं.
अज़ीज़ ने स्थानीय अख़बार फ्री मलेशिया टुडे से कहा, "इस फ़िल्म की कहानी मुसलमानों की भावनाओं को छूती है. ये मुसलमान बहुल मलेशिया के लिए एक गंभीर चिंता की बात है."
ये फ़िल्म मलिक मोहम्मद जायसी की 16वीं सदी में लिखे गए महाकाव्य पद्मावत पर आधारित है.
फ़िल्म में दीपिका पादुकोण, रणबीर सिंह और शाहिद कपूर मुख्य भूमिका में हैं.
इस फ़िल्म की रिलीज़ को लेकर भारत में भी गंभीर विवाद हुआ है और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद कई राज्यों में फ़िल्म प्रदर्शित नहीं की जा सकी है.
भारत के राजपूत समुदाय के लोग रानी पद्मावती के चित्रण को लेकर विरोध कर रहे हैं.
फ़िल्म का प्रदर्शन रोकने के लिए देश में कई जगह हिंसा और आगज़नी की घटनाएं भी हुई हैं जिनके सिलसिले में दर्जनों लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
वहीं मलेशिया में फ़िल्म के वितरकों ने सेंसर बोर्ड के निर्णय के ख़िलाफ़ अपील दायर की है जिस पर तीस जनवरी को सुनवाई हो सकती है.
भारत में यह फ़िल्म 25 जनवरी को रिलीज़ हुई थी. रिपोर्टों के मुताबिक फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छा कारोबार कर रही है. विरोध और हिंसा के बावजूद फ़िल्म ने अब तक सौ करोड़ से ज़्यादा रुपये का व्यापार कर लिया है.
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