1150 मर्दों की डीएनए जांच के बाद पकड़ा गया ज़ैनब का संदिग्ध हत्यारा

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि दो हफ्ते की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने कसूर शहर में छह साल की बच्ची ज़ैनब अंसारी के हत्यारे को गिरफ़्तार कर लिया है.
लाहौर में एक संवाददाता सम्मेलन में शरीफ़ ने कहा कि गिरफ़्तार व्यक्ति का नाम इमरान अली अरशद है और उसकी उम्र 23 साल है.
मुख्यमंत्री ने इमरान को सीरियल किलर बताया. इस प्रेस वार्ता में ज़ैनब के पिता भी मुख्यमंत्री के साथ बैठे थे.

केस की रोज़ाना होगी सुनवाई
इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता शुमाइला ज़ाफरी के मुताबिक, इमरान कसूर शहर में ही रहता है. इमरान को पकड़ने के लिए सरकार की पुलिस, ख़ुफिया और जांच एजेंसियां बीते कुछ वक्त से जुटी हुई थीं. इसी के तहत ये तय किया गया था कि ज़ैनब के घर के ढाई किलोमीटर के दायरे में रहने वाले 20 से 45 साल के सभी पुरुषों की डीएनए जांच की जाएगी.
शाहबाज़ शरीफ़ के मुताबिक, इसके तहत 1150 मर्दों के डीएनए जांच की गई. इमरान का डीएनए 100 फीसदी मैच हुआ है. इमरान का डीएनए न सिर्फ ज़ैनब के रेप मामले में मैच हुआ बल्कि बीते कुछ वक्त से इस इलाके में जिन बच्चियों का रेप और मर्डर हुआ, उनमें भी इमरान का डीएनए मैच हुआ है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रेप केस में बहुत तेजी से इंसाफ हो, इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी. इसके अलावा जिन बच्चियों के साथ पहले भी रेप और मर्डर हुआ था, उनके मां-पिता से भी मुलाकात की जाएगी. एक कमेटी बनाकर केस की सुनवाई रोज़ाना करवाने की कोशिश की जाएगी.
'छह पीड़ितों के शव से एक ही डीएनए के निशान'
4 जनवरी को क़ुरान की क्लास के लिये जाते हुए ज़ैनब अंसारी कसूर से गायब हो गई थी.
ज़ैनब को आखिरी बार एक सीसीटीवी फुटेज में एक अज्ञात आदमी का हाथ पकड़ कर जाते हुए देखा गया. कुछ दिनों बाद उसका शव एक कचरे के ढेर से मिला.
जांचकर्ताओं को इनमें से ज़ैनब समेत छह पीड़ितों के शव से एक ही डीएनए के निशान मिले हैं. मुख्यमंत्री शरीफ़ ने कहा, "अगर मेरे बस में होता तो मैं इसे चौराहे पर फांसी पर लटका देता."

क़सूर: एक साल में रेप के 10 मामले
बीबीसी को पुलिस से मिले दस्तावेज़ के अनुसार, 2017 से अब तक शहर में इसी तरह के 10 मामले सामने आए हैं.
ज़ैनब की हत्या से करीब एक साल पहले 7 जनवरी, 2017 को हुई वारदात में एक पांच वर्षीय बच्ची आयशा बीबी अपने घर के बाहर से गुम हो गई थीं.
उस दिन आयशा के पिता आसिफ़ बाबा का जन्मदिन था. उन्होंने उस सफ़ेद टेडी बियर को जिसे आयशा ने उन्हें गिफ़्ट के रूप में दिया था, उसकी स्कूल यूनिफॉर्म और गुड़ियों के साथ संभाल के रखा है.
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