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कौन हैं पॉल क्रूगमैन जो डोनल्ड ट्रंप के निशाने पर हैं
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने 'फ़ेक न्यूज़ अवार्ड' पाने वालों के नामों की घोषणा की है. ट्रंप के अनुसार ये वो नाम हैं जिन्होंने साल 2017 में फ़ेक न्यूज़ यानी 'ग़लत ख़बरें' देने का काम किया है.
राष्ट्रपति ने अपनी पार्टी रिपब्लिकन नेशनल कमिटी के ब्लॉग पर यह जानकारी पोस्ट की है जिसमें कुल 11 पत्रकारों या अख़बारों के नाम दिए गए हैं.
इसमें सबसे पहला नाम है पॉल क्रूगमैन जिन्होंने चुनावों में ट्रंप के जीतने पर न्यूयॉर्क टाइम्स में लिखा था कि ट्रंप के शासनकाल में मार्केट कभी भी 'सुधर' नहीं सकता.
उनके अलावा और जिन नामों को इसमें शामिल किया गया है वो हैं एबीसी न्यूज़ के ब्रायन रॉस, सीएनएन, टाइम, वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार डेव वीगल, न्यूज़वीक के नाम शामिल हैं.
कौन हैं पॉल क्रूगमैन?
मुद्दे की बात ये है कि ट्रंप की लिस्ट में जिस व्यक्ति को सबसे ऊपर रखा गया है वो साल 2008 में इकोनोमिक्स का नोबल पुरस्कार जीत चुके हैं.
नोबल सोसायटी के अनुसार पॉल क्रूगमैन को ये पुरस्कार अवार्ड "व्यापार पैटर्न और आर्थिक गतिविधि के विश्लेषण के लिए" दिया गया था.
28 फरवरी 1953 को जन्मे पॉल क्रूगमैन के बारे में द वॉशिंगटन मंथली का कहना था कि वो अमरीका में सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक स्तंभकार हैं.
क्रूगमैन प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र और अंतरराष्ट्रीय मामलों के प्रोफ़ेसर को तौर पर काम करते हैं. साथ ही वो न्यूयॉर्क टाइम्स के कॉलमिस्ट यानी स्तंभकार भी थे.
6 नवंबर 2016 को छपे इस लेख 'द इकोनोमिक फॉलआउट के अनुसार "किसी भी सूरत में दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण देश की अर्थव्यवस्था के लिए ये बुरी ख़बर है कि किसी कम जानकार या ग़ैरज़िम्मेदार व्यक्ति जो ग़लत लोगों से सलाह लेते हो उसको को देश का नेतृत्व दे दिया जाए."
"जो बात स्थिति को और बुरा बनाती है वो आठ साल पहले आए बड़े आर्थिक संकट के बाद पूरी दुनिया अब भी बेहतर स्थिति में नहीं है."
2 जनवरी 2018 को छपे पोस्ट 'द वर्स्ट एंड द डंबेस्ट में क्रूगमैन ने लिखा, "दुनिया के करोड़ों लोगों की तरह मैं यह मानने के लिए तैयार हूं कि ट्रंप मानसिक तौर पर स्वस्थ है. अगर ऐसा नहीं होता- और वो एक ग़लती करने वाले, बदला लेने वाला, कम जानकार, आलसी, तानाशाह बन सकने जैसा होता- तो हम मुश्किल में पड़ सकते थे."
इस लेख में वो आगे लिखते हैं, "ये तो शुरूआती दिन हैं. हमने इस महान देश को बनने में दो सौ साल लग दिए और किसी मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति को भी इसे पूरी तरह नष्ट करने में कई साल लगेंगे."
25 दिसंबर 2017 को छपे उनके लेख 'अमेरिका इज़ नॉट येट लॉस्ट' में वो कहते हैं "दिन ब-दिन ट्रंप खुद के इस दफ़्तर के लिए नैतिक और बौद्धिक रूप से पूरी तरह से अयोग्य साबित करते जा रहे हैं."
पॉल क्रूगमैन अब तक कुल 23 किताबें लिख चुके हैं और 200 से अधिक जर्नल आर्टिकल लिख चुके हैं जिनमें से अधिकतर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और फाइनैंन्स पर हैं.
इसके अलावा को एमआईटी, येल और स्टेनफ़र्ड यूनिवर्सिटी में भी पढ़ा चुके हैं.