You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
हाफ़िज़ सईद के साथ नज़र आए फ़लस्तानी राजदूत की छुट्टी
मुंबई हमलों के कथित मास्टरमाइंड जमात उद दावा के प्रमुख हाफ़िज़ सईद के साथ रावलपिंडी में मंच साझा करने वाले फ़लस्तीनी राजदूत को पाकिस्तान से वापस बुला लिया गया है.
हाफ़िज़ सईद की इस रैली में यरुशलम को इसराइल की राजधानी के तौर पर मान्यता देने के अमरीकी फ़ैसले की आलोचना की गई थी जिसमें पाकिस्तान में फ़लस्तीनी राजदूत वलीद अबु अली भी मौजूद थे.
फ़लस्तीनी राजदूत की वापसी का ये क़दम भारत की कड़ी आपत्ति के बाद उठाया गया है. भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फ़लस्तीनी विदेश मंत्रालय की उस विज्ञप्ति को ट्वीट किया है जिसमें चरमपंथ के ख़िलाफ़ भारत की लड़ाई की सराहना की गई है.
भारत का मानना है कि जमात उद दावा प्रमुख हाफ़िज़ सईद ने मुंबई में साल 2008 में हुए चरमपंथी हमलों की साज़िश रची थी. अमरीका भी हाफ़िज़ सईद को कई आतंकी साज़िशों के लिए ज़िम्मेदार मानता है.
रावलपिंडी की रैली, भारत का विरोध और उसके बाद फ़लस्तीनी राजदूत की वापसी, ये घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब कुछ ही दिन पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यरुशलम को इसराइल की राजधानी का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव के विरोध में मतदान किया था.
फ़लस्तीनी राजदूत की वापसी की घोषणा वाली विज्ञप्ति में कहा गया है, ''फ़लस्तीन, भारत के इस फ़ैसले की सराहना करता है और भारत के साथ मज़बूत दोस्ताना संबंध बनाए रखने का इच्छुक है''
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)