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पाकिस्तान के क़ानून मंत्री ज़ाहिद हामिद का इस्तीफ़ा
- Author, शुमाइला ज़ाफरी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद
पाकिस्तान के क़ानून मंत्री ज़ाहिद हामिद ने अपना इस्तीफ़ा प्रधानमंत्री शाहिद खाक़ान अब्बासी को सौंप दिया है.
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ज़ाहिद हामिद का इस्तीफ़ा आज मंजूर कर लेंगे.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता शुमाइला जाफ़री के मुताबिक ज़ाहिद हामिद के इस्तीफ़ के लिए पाकिस्तान के कई धार्मिक संगठनों के लगभग 3,000 लोग इस्लामाबाद में पिछले 22 दिनों से क़ानून मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए थे.
तहरीक-ए-लब्बैक या तहरीक-ए-रसूलुल्लाह नाम का संगठन इसका नेतृत्व कर रहा था. उनकी मांग है कि चुनाव सुधार के लिए संसद में जो बिल पेश किया गया था उसमें कुछ ऐसी बातें कही गई थीं जो उनके अनुसार इस्लाम की बुनियादी मान्यताओं के विरुद्ध हैं.
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच समझौता
टीएलपी की तरफ़ से जारी किए समझौते के मसौदे से ये संकेत मिलते हैं कि सेना के दखल देने के बाद सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच ये समझौता हुआ है.
समझौते में ये कहा गया है कि आर्मी चीफ़ कमर जावेद बाजवा और उनकी टीम की मदद से ये हो पाया है और उन्होंने देश को एक बड़े संकट से बचा लिया है.
समझौते के तहत कानून मंत्री को इस्तीफा देना है और टीएलपी उनके ख़िलाफ़ कोई फतवा जारी नहीं करेगी. कानून मंत्री ज़ाहिद हामिद पहले ही इस्तीफ़ा दे चुके हैं.
2017 के चुनावी कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाने वाले शख़्स की तलाश के लिए बनाई गई संसदीय समिति की जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी.
धरने के दौरान नज़रबंद या हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को तीन दिनों में रिहा किया जाएगा.
प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए सरकार एक जांच कमिटी बनाएगी. ये कमिटी 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट देगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.
पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन
पाकिस्तानी क़ानून के अनुसार चुनाव में भाग लेने वाले किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को ये हलफ़नामा देना होता है कि पैग़म्बर मोहम्मद इस्लाम के आख़िरी पैग़म्बर हैं और अब उनके बाद कोई दूसरा पैग़म्बर नहीं आएगा.
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 'संशोधन के लिए पेश किए गए बिल में इस हलफ़नामे की शर्तों के साथ छेड़छाड़ की गई थी जिसे वो किसी भी हालत में स्वीकार नहीं करेंगे.'
सरकार ने इसे 'क्लैरिकल ग़लती' मानते हुए हलफ़नामे में सुधार कर दिया था, लेकिन प्रदर्शनकारी इसके लिए क़ानून मंत्री ज़ाहिद हामिद को ज़िम्मेदार मान रहे हैं और उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.
शनिवार को ज़ाहिद हामिद ने एक घंटे तक मुख्यमंत्री पंजाब शाहबाज शरीफ से मुलाकात की.
ज़ाहिद हामिद ने इस्तीफे के बारे में कहा कि उनका चुनाव सुधार संशोधन बिल से सीधे कोई संबंध नहीं है और यह सभी राजनीतिक पार्टियों की सहमति से लाया गया बिल था.
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