उर्दू प्रेस रिव्यू: नवाज़ शरीफ पर ज़रदारी बोले, मियां साहब ख़तरनाक़ खेल खेल रहे हैं

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़, पाकिस्तान जेल में क़ैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव और सऊदी अरब से जुड़ी ख़बरें सुर्ख़ियां बटोरती रहीं. सबसे पहले बात पाकिस्तानी जेल में क़ैद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की.

अख़बार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक, जासूसी के जुर्म में पाकिस्तानी जेल में सज़ा काट रहे भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को उनकी पत्नी से मिलने दिया जाएगा. अख़बार ने पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर मोहम्मद फ़ैसल के हवाले से लिखा है कि मानवीय आधार पर पाकिस्तान ने ऐसा फ़ैसला किया है.

अख़बार के अनुसार, पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग को इस बारे में लिखित जानकारी दे दी है. भारत ने पाकिस्तान से अपील की थी कि कुलभूषण जाधव की पत्नी को पाकिस्तान जाकर उनसे मिलने की इजाज़त दी जाए.

कुलभूषण जाधव को मार्च 2016 में गिरफ़्तार किया गया था और पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी लेकिन भारत ने इसका विरोध करते हुए अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था जिसके बाद कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगा दी गई थी.

भ्रष्टाचार पर चिंता

अब बात करते हैं सऊदी अरब की. हफ़्ते के शुरू में ख़बर आई कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आदेशानुसार कई शहज़ादों और मंत्रियों को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया है. पाकिस्तानी अख़बारों ने भी इसे प्रमुखता से छापा और लगभग सारे अख़बारों ने इसे पहले पन्ने पर जगह दी.

अख़बार 'जंग' ने इस पर संपादकीय लिखा है. अख़बार लिखता है कि भ्रष्टाचार अब एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय क़ानून बनाए जाने की ज़रूरत है. अख़बार लिखता है कि पनामा पेपर लीक्स के बाद पैराडाइज़ पेपर्स नाम से कई दस्तावेज़ सार्वजनिक हुए हैं.

'जंग' का कहना है कि इससे कई देशों के मौजूदा और पूर्व राजनेताओं और दूसरे अहम व्यक्तियों की नाजायज़ दौलत का पता चला है. अख़बार लिखता है कि इन सबसे बड़ा धमाका सऊदी अरब में हुआ जब भ्रष्टाचार के मामले में सऊदी अरब के राजघराने के कई सदस्यों समेत कई मौजूदा मंत्रियों और अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया गया.

गिरफ्तार होने वालों में एक समय सऊदी अरब के एक समय सबसे शक्तिशाली लोगों में से एक प्रिंस अल-वलीद बिन तलाल भी शामिल हैं. अख़बार के अनुसार भ्रष्टाचार एक वैश्विक समस्या है और इससे आशंका है कि लोगों में बढ़ती बेचैनी कभी भी बग़ावत की शक्ल ले सकती है.

अख़बार कहता है कि इसकी रोकथाम के लिए ज़रूरी है कि पूरी दुनिया एक साथ मिलकर इसका मुक़ाबला करे.

नवाज़ शरीफ़ की मुश्किलें

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ भी सुर्ख़ियों में बने रहे. 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़' पार्टी के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने नवाज़ शरीफ़ पर हमला बोलते हुए कहा कि नवाज़ शरीफ़ और उनकी बेटी मरियम नवाज़ न्यायपालिका के ख़िलाफ़ मुहिम चला रहे हैं.

अख़बार 'एक्सप्रेस' के मुताबिक़ एक चुनावी रैली में इमरान ख़ान ने कहा, "नवाज़ शरीफ़ और मरियम नवाज़ अपनी चोरी बचाने के लिए संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं, उन्हें अब तक जेल में होना चाहिए." वहीं 'पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी' के अध्यक्ष आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि वो नवाज़ शरीफ़ को संस्थाओं के साथ नहीं खेलने देंगे.

अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार पूर्व राष्ट्रपति और पीपीपी अध्यक्ष ज़रदारी ने इस्लामाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नवाज़ शरीफ़ अपने और अपने परिवार के हितों के लिए देश की सुरक्षा को दाव पर लगा रहे हैं.

ज़रदारी का कहना था, "नवाज़ शरीफ़ संवैधानिक संस्थाओं के साथ ख़तरनाक खेल खेल रहे हैं, पीपुल्स पार्टी ऐसा नहीं होने देगी. नवाज़ शरीफ़ संसद और न्यायपालिका समेत तमाम संस्थाओं को कमज़ोर करना चाहते हैं. मियां साहब पाकिस्तान को उस तरफ़ ले जा रहे हैं, जहां मुल्क किसी से नहीं संभल पाएगा."

ज़रदारी ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि नवाज़ शरीफ़ मुल्क को तबाह करके पहले की तरह भाग जाएंगे लेकिन उन्हें तो पाकिस्तान में ही रहना है.

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