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रोहिंग्या मामले में भारत का रुख सही नहीं: प्रीति पटेल
- Author, राहुल जोगलेकर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
ब्रिटेन में थेरेसा मे कैबिनेट में वरिष्ठ मंत्री प्रीति पटेल ने रोहिंग्या मसले पर भारत के रुख़ की आलोचना की है.
केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था और उन्हें वापस म्यांमार भेजने की बात कही.
भारतीय मूल की प्रीति पटेल ब्रिटेन में सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फोर इंटरनेशनल डेवलपमेंट पद पर हैं. प्रीति पटेल ने बीबीसी से खास बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और उन्हें एक प्रेरणादायक नेता बताया.
प्रीति ने ब्रिटेन में अपनी राजनीतिक यात्रा के अनुभव भी साझा किए. प्रीति पटेल ने रोहिंग्या संकट पर ब्रिटेन के अहम भूमिका निभाने पर ज़ोर दिया.
रखाइन में रोहिंग्या मुसलमानों की वापसी पर प्रीति कहती हैं, ''मुझे लगता है कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि उन्हें अपने घर चले जाना चाहिए. ज़मीनी हालात को देखें. 5 लाख से ज्यादा लोगों को परेशान किया जा रहा है. रखाइन प्रांत से एक वर्ग के लोग जा रहे हैं. ये लोग किसी कारण से जा रहे हैं.''
मोदी को लेकर क्या बोलीं प्रीति पटेल?
भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए प्रीति पटेल ने कहा, ''वह भारत की रूपरेखा और आवाज़ को वैश्विक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने वाले एक प्रेरणादायक नेता हैं.''
प्रीति कहती हैं कि वो मोदी की दुनियाभर में यात्रा करके भारत में नए निवेश को बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों से प्रभावित हैं.
अर्थव्यवस्था में आई मंदी को लेकर मोदी की देश में हो रही आलोचना को प्रीति खारिज करती हैं.
वो कहती हैं, ''राजनेता की आलोचना आसानी से हो जाती है. अर्थव्यवस्था और उनके देश की वैश्विक पहचान को लेकर किए गए बदलावों के लिए नेताओं को कभी सम्मान नहीं मिलता.''
ब्रिटेन में प्रीति पटेल का अनुभव?
ब्रेक्ज़िट को लेकर प्रीति ने ब्रिटेन की प्रधानमंत्री की तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह भारत जैसे देशों के साथ एकसमान लक्ष्यों पर काम करने का मौका था.
प्रीति अपनी राजनीतिक यात्रा के बारे में कहती हैं, ''मैं एक गुजराती दुकानदार की बेटी हूं. मुझे देखकर मेरी यात्रा का पता नहीं चलता. मैं किसी विशेषाधिकार रखने वाले क्लास का हिस्सा नहीं रही हूं जो सीधे राजनीति में आ जाता है.''
वे कहती हैं, ''मैं उस पीढ़ी से हूं जो कई अन्य भारतीयों और गुजरातियों की तरह पूर्वी अफ्रीका आए थे. मेरे माता-पिता यहां खाली हाथ आए थे. उन्होंने कई त्याग किए हैं.''
अगर मौका मिले तो क्या वह ब्रिटिश सरकार में एक बड़ी भूमिका के लिए वह तैयार हैं और क्या वो प्रधानमंत्री बनाना चाहेंगी? इन सवालों पर प्रीति पटेल ने कहा, ''कोई नहीं जानता कि भविष्य क्या लेकर आएगा.''
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