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नज़रिया: 'ख़ात्मे से पहले सोशल मीडिया पर आईएस का फड़फड़ाना'
- Author, मार्क विल्सन
- पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग के लिए
स्वघोषित चरपमंथी समूह इस्लामिक स्टेट के एक प्रमुख मीडिया संस्थान ने एक पुराना जेहादी गीत (नशीद) जारी किया है जिसमें दक्षिण फिलीपींस के मारावी शहर में सरकारी सैन्यबलों से लड़ रहे लड़ाकों की तारीफ़ की गई है.
'ब्रदर्स इन मारावी' नाम के इस वीडियो नशीद के बाद इस्लामिक स्टेट समर्थक मारावी में लून वुल्फ़ अटैक (अकेले हमले) करते दिख रहे हैं. इसमें सरकारी सैनिकों पर हमले का दावा भी किया गया है.
2 मिनट 33 सैकंड के इस वीडियो में बताया गया है कि मारावी पर इस्लामिक स्टेट लड़ाकों ने अपनी पकड़ मज़बूत कर रखी है. वीडियो में लड़ाकों से 'दुश्मनों को बर्बाद' करने का आह्वान भी किया गया है.
'अल हयात मीडिया सेंटर' की ओर से बनाए गए इस नशीद को 12 अक्तूबर को टेलीग्राम एप्लीकेशन पर जारी किया गया है. मारावी में 23 मई को फिलीपींस के सैनिकों और लड़ाकों के बीच संघर्ष सुरू हुआ था. सैन्यबलों ने सैकड़ों लड़ाकों को मारने का दावा किया है.
ये वीडियो मारावी में अभी भी लड़ रहे लड़ाकों में जोश भरने के लिए जारी किया गया लगता है. ये नशीद सबसे पहले 20 अगस्त को फिलीपींस पर बनाए गए इस्लामिक स्टेट के वीडियो में दिखी थी.
लोन वुल्फ़ हमलों का आह्वान
इस नशीद के जारी किए जाने के बाद से टेलीग्राम पर इस्लामिक स्टेट समर्थक चैनल मारावी, इराक़ के मोसुल और सीरिया के रक़्क़ा में समर्थकों से लोन वुल्फ़ (अकेले) हमले करने का आह्वान कर रहे हैं.
जहां कहीं मौजूद इस्लामिक स्टेट समर्थकों से पर्यटकों, यहूदियों, पुलिसवालों, दूतावासों आदि पर चाकू या बम हमले करने के लिए कहा गया है.
इस नशीद के जारी होने के कुछ घंटे बाद ही इस्लामिक स्टेट समर्थक समाचार सेवा अमाक़ पर चार फिलीपीनी सैनिकों की हत्या का दावा किया गया.
अमाक़ ने दावा किया कि इस्लामिक स्टेट लड़ाकों ने मारावी के बादयान इलाक़े में सैनिकों की हत्याएं की.
13 अक्तूबर को स्थानीय मीडिया में आई रिपोर्टों में कहा गया है कि सैन्यबलों को नुक़सान हुआ है लेकिन इससे अधिक जानकारी नहीं दी गई.
हालांकि इस्लामिक स्टेट ने बीते कई सप्ताह में दक्षिणी फिलीपींस में कोई हमला करने का दावा नहीं किया है.
हालांकि इस ख़ामोशी से पहले इस्लामिक स्टेट मारावी के परे भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के प्रयास करता हुआ दिख रहा था.
सेना का लड़ाई जल्द ख़त्म करने का दावा
सेना का कहना है कि उसने लड़ाकों को शहर के एक कोने में धकेल दिया है. सेना ने कहा है कि 15 अक्तूबर तक लड़ाकों को ख़त्म कर दिया जाएगा.
इसी बीच दक्षिण एशियाई देशों की सरकारें इस लड़ाई के बाद के हालातों से निबटने की तैयारियां कर रही हैं.
12 अक्तूबर को फिलीपींस, मलेशिया और इंडोनेशिया ने सूलू समुद्र के ऊपर साझा निगरानी उड़ाने शुरू की थीं. सरकार की ग़ैर मौजूदगी वाला ये इलाक़ा इस्लामी चरमपंथियों का गढ़ रहा है.
इन गश्ती उड़ानों का उद्देश्य जेहादियों के नेटवर्क को नष्ट करना है. मारावी युद्ध क्षेत्र से भाग रहे इस्लामिक स्टेट लड़ाकों को फंसाने में भी ये मददगार साबित हो सकती हैं.
समुद्री क्षेत्र पर निगरानी कड़ी करने के लिए इसी साल तीनों देशों ने साझा समुद्री निगरानी भी शुरू की थी.
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