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स्पेन से कैटेलोनिया को अलग देश बनाने की घोषणा टली
स्पेन के उत्तर-पूर्वी स्वायत्त इलाक़े कैटेलोनिया के राष्ट्रपति कार्लस पुजिमोंट ने स्थानीय संसद को संबोधित किया. पुजिमोंट के संबोधन का बेसब्री से इंतज़ार किया जा रहा था, क्योंकि उम्मीद थी कि वो इसी संबोधन में संसद में कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश बनाने की घोषणा कर देंगे.
हालांकि इस संबोधन में पुजिमोंट ने स्थानीय संसद में कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश बनाने की घोषणा नहीं की.
राष्ट्रपति पुजिमोंट ने कहा कि वो आज़ाद कैटेलोनिया के पक्ष में मिले जनमत संग्रह का पालन करेंगे, लेकिन समस्या के समाधान के लिए पहले स्पेन से बातचीत की ज़रूरत है. उन्होंने कैटेलोनिया के नागरिकों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की. पुजिमोंट ने सभी पक्षों से तनाव कम करने का आग्रह किया.
अलग देश बनाने की घोषणा नहीं हुई
पुजिमोंट ने कहा, ''कैटेलोनिया ने स्वतंत्र देश बनने का अधिकार हासिल कर लिया है. मैं कैटलन नागरिकों के स्वतंत्र देश की चाहत के साथ रहूंगा.''
कैटलन राष्ट्रपति कार्लस पुजिमोंट ने लोगों को लोकतंत्र का साथ देने और शांति की अपील की है. पुजिमोंट ने कहा कि कैटलोनिया को अलग देश बनाने के मसले पर तनाव को कम करने की ज़रूरत है. उन्होंने संवाद की ज़रूरत को भी रेखांकित किया.
स्थानीय संसद को संबोधित करते हुए पुजिमोंट ने कहा कि कैटेलोनिया अब कोई आंतरिक मुद्दा नहीं है बल्कि अब यह यूरोप का मुद्दा बन गया है. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का ख़तरा बनने या किसी को अपमानित करने की उनकी कोई योजना नहीं है.
पुजिमोंट ने कहा कि वो तनाव और गतिरोध को कम करना चाहते हैं. कैटेलोनिया की स्थानीय संसद को संबोधित करते हुए पुजिमोंट ने जनमत संग्रह के दौरान स्पैनिश सरकार की कार्रवाई की निंदा की. पुजिमोंट ने कहा कि सभी पक्षों के लोग तनाव को लेकर चिंतित हैं. कैटलन राष्ट्रपति ने संवाद और सहिष्णुता की अपील की.
पुजिमोंट ने स्पैनिश सरकार पर आक्रामक रवैया अपनाने और शक्तियों के केंद्रीकरण का आरोप लगाया.
पुजिमोंट के इस संबोधन को लेकर पूरे कैटेलोनिया में काफ़ी सरगर्मी थी. अगर कैटेलोनिया को स्वतंत्र देश बनाने की घोषणा कर दी जाती तो हिंसक तनाव बढ़ने की आशंका थी.
कैटेलोनिया का इतिहास
कैटेलोनिया स्पेन के सबसे संपन्न इलाक़ों में से एक है. इसका एक हज़ार साल पुराना अलग इतिहास रहा है. स्पेन में गृह युद्ध से पहले इस इलाक़े को स्वायत्तता मिली हुई थी. 1939 से 75 के बीच जनरल फ्रांसिस्को फ्रैंको के नेतृत्व में कैटेलोनिया को जो स्वायत्तता मिली थी, उसे ख़त्म कर दिया गया.
जब फ्रैंको की मौत हुई तो कैटेलन राष्ट्रवाद को फिर से हवा मिली और आख़िर में उत्तरी-पूर्वी इलाक़ों को फिर से स्वायत्तता देनी पड़ी. ऐसा 1978 के संविधान के तहत किया गया. 2006 के एक अधिनियम के तहत कैटेलोनिया को और ताक़त दी गई.
कैटेलोनिया का वित्तीय दबदबा बढ़ा और उसे एक राष्ट्र के रूप में देखा जाने लगा. लेकिन यह भी बहुत दिनों तक नहीं रहा. स्पेन की संवैधानिक कोर्ट ने 2010 में सारी ताक़त वापस ले ली. इसके बाद से वहां का स्थानीय प्रशासन नाराज़ है.
स्पेन से अलग क्यों होना चाहते हैं कैटलन?
आर्थिक मंदी और सार्वजनिक खर्चों में कटौती के बाद से कैटेलोनिया में स्वायत्तता को लेकर लोगों का ग़ुस्सा और बढ़ गया है. कैटेलन्स ने नवंबर 2014 में आज़ादी के लिए एक अनाधिकारिक रूप से मतदान का आयोजन किया था.
54 लाख योग्य मतदाताओं में से 20 लाख से ज़्यादा मतदाता इस मतदान में शरीक हुए थे.
इस मतदान के बाद अधिकारियों ने कहा था कि 80 फ़ीसदी लोगों से स्पेन से आज़ाद होने के पक्ष में मतदान किया था. कैटेलोनिया में 2015 के चुनाव में अलगाववादियों को जीत मिली थी. इन्होंने चुनाव के दौरान ही जनमत संग्रह कराने का वादा किया था.
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