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उंगलियां बता देंगी कंडोम इस्तेमाल किया या नहीं!
किसी ने कंडोम का इस्तेमाल किया है या नहीं इसके बारे में पता लगाने के लिए फिंगरप्रिंट की नई तकनीक इजाद की गई है.
फिंगरप्रिंट की इस तकनीक का इस्तेमाल किसी अभियुक्त के ख़िलाफ़ सबूत जुटाने के मकसद से किया जाएगा.
इतना ही नहीं इस तकनीक की मदद से यह भी पता लगाया जा सकेगा कि किसी ने बालों में किस ब्रैंड का जेल लगाया है.
यह तकनीक मास स्पैक्ट्रोमेट्री के एक प्रकार के रूप में फिंगरप्रिंट में मौजूद अलग-अलग तत्वों के पता लगा सकेगी.
इससे एल्कोहल और ड्रग के इस्तेमाल का पता भी चल जाएगा.
शेफील्ड हैलम यूनिवर्सिटी की एक टीम वेस्ट योर्कशायर पुलिस के साथ इस तकनीक पर काम कर रही है.
इस प्रोजेक्ट की प्रमुख डॉक्टर सिमोना फ्रांसिस कहती हैं, ''इस तकनीकी का इस्तेमाल 30 साल पुराने फिंगरप्रिंट पर लगे खून की पहचान के लिए किया गया, इसका मतलब यह है कि इस तकनीक की मदद से पुराने मामलों की जांच की जा सकती है. ''
कैसे काम करता है मास स्पैक्ट्रोमेट्री?
- इस तकनीक का इस्तेमाल उंगलियों के रेखाओं के भीतर फंसे सूक्ष्म तत्वों की पहचान करना होता है.
- इस तकनीक में सैम्पल का वाष्पीकरण किया जाता है, फिर उसे वैक्यूम के अंदर इलैक्ट्रिक और मैग्नेटिक फील्ड के ज़रिए गुजारा जाता है.
- अलग- अलग मास वाले तत्व इन फील्ड के प्रभाव में आने पर अलग-अलग ढंग से व्यवहार करते हैं, इसके ज़रिए प्रिंट में मौजूद अणुओं की पहचान करने में कामयाब मिलती है.
- इस तकनीक से मिलने वाली जानकारी को अनेक तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है. जैसे, प्रिंट में मौजूद प्रोटीन के ज़रिए वैज्ञानिक पुरुष या महिला तक की पहचान भी कर सकते हैं.
मास स्पैक्ट्रोमेट्री के जरिए किसी व्यक्ति के बारे में क्या पता लगाया जा सकता है?
- व्यक्ति का लिंग
- क्या उस व्यक्ति ने खून को छुआ, वह खून किसी मनुष्य का है या जानवर का.
- क्या उन्होंने ड्रग्स का सेवन किया. इसके ज़रिए कोकीन, टीएचसी (मरिजुआना और कैनेबीस में मिलने वाला कैमिकल), हेरोइन, एम्फेटेमाइन और किसी दूसरे ड्रग की पहचान की जा सकती है.
- क्या फिंगरप्रिंट में बालों की निशानियां मौजूद हैं.
- क्या फिंगरप्रिंट में किसी कॉस्मेटिक के निशान हैं.
- क्या उस व्यक्ति ने कंडोम को छुआ, यहां तक की उसका ब्रैंड भी पता लगाया जा सकता है.
- कौन से खाद्य या पेय पदार्थ का सेवन किया.
इस प्रोजेक्ट पर लगभग 70 लाख रुपये का निवेश किया गया है.
वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ स्टीफन ब्ले इस संबंध में ब्रिटेन की सभी पुलिस फोर्स के लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार कर रहे हैं.
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