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अचारी फ़्लेवर वाले कंडोम में ख़ास क्या है?
- Author, आयशा परेरा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
एक भारतीय कंपनी ने अचार के फ़्लेवर वाला कंडोम बाज़ार में उतारा है.
फ़्लेवर्ड कंडोम की सिरीज़ में, मैनफ़ोर्स की ओर से लाए गए इस नए उत्पाद को, ग्राहकों को आकर्षित करने का एक तरीक़ा माना जा रहा है.
इससे पहले एक अन्य कंपनी ड्यूरेक्स 'बैंगन फ्लेवर' वाले कंडोम बाजार में उतार चुकी है. ये कंपनी, स्ट्रॉबेरी और केले जैसे और पारंपरिक फ़्लेवर वाले कंडोम भी पेश कर चुकी है.
चूंकि अचार, भारतीय खानपान का एक अहम हिस्सा होता है और अलग अलग इलाक़ों में अलग अलग ख़ासियत वाले अचार बनाए जाते हैं, इसलिए इसे आम तौर पर रोमांस से जोड़ कर नहीं देखा जाता.
इसलिए सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं.
अचारी फ्लेवर वाले कंडोम का मजाक उड़ाते हुए ट्विटर यूज़र जिव्या ने लिखा है, "मैनफोर्स कंडोम के एक नए फ़्लेवर के साथ बाज़ार में उतरा है, अचारी. मैनफ़ोर्स, तुम क्या हो, हमारी दादी-नानी?"
एक अन्य ट्विटर यूज़र काजोल श्रीनिवासन ने मशहूर भारतीय शेफ़ संजीव कपूर की खाना बनाते तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा है, "और इस बीच, मैनफ़ोर्स कंडोम के रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रयोगशाला का दृश्य...."
तो क्या भारत वाक़ई अचार फ़्लेवर वाले कंडोम के लिए तैयार है?
बाजार में सफल होगा प्रयोग?
'ग्रे एड एजेंसी' के प्रमुख अधिकारी सुनील लूला ने बीबीसी से कहा, "ऐसे मार्केटिंग प्रयासों से कंपनियां अपनी ओर ध्यान आकर्षित करना चाहती है और ये तो सिर्फ़ कंपनियां बता सकती हैं कि ऐसे प्रयासों का उत्पादों की बिक्री पर कितना प्रभाव पड़ता है."
वो कहते हैं, "अगर ये प्रयास भारत में यौन अनुभवों को व्यापक बनाता है और सुरक्षित यौन संबंधों को लेकर होने वाली बातचीत को बढ़ावा देता है तो ऐसे प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए."
वहीं पत्रकार राज्यश्री सेन ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि मैनफ़ोर्स ने इस कैंपेन को बेहद समझदारी के साथ लॉन्च किया है. ये बताता है कि कंपनी अपने ग्राहकों को समझती है." उनके मुताबिक, ऐसा नहीं लगता है कि इस अभियान को उच्च वर्ग को ध्यान में रखकर लॉन्च किया गया है.
वो कहती हैं, "सबसे बड़ा सवाल ये है कि कंपनी किस अचार की बात कर रही है? नींबू या मिर्ची का अचार? और, ये कंपनी उस फ़्लेवर को कैसे जानती है जिसे हर भारतीय पसंद करेगा? क्या इस कंपनी ने यहां तक सोचा है?"
सेन कहती हैं कि व्यक्तिगत रूप से वह कभी भी इस फ्लेवर वाले कंडोम को इस्तेमाल करने पर विचार नहीं करेंगी, लेकिन, उन्हें लगता है कि कुछ हिस्सों में, जैसे कि दिल्ली के स्टूडेंट्स के बीच ये अपनी जगह बना सकता है.
वे कहती हैं, "मैं बस ये उम्मीद करती हूं कि इसमें सिरका का इस्तेमाल न हो, क्योंकि इसके कारण और मुश्किलें खड़ी हो जाएंगी."
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