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ऑस्ट्रेलिया में अडानी के ख़िलाफ़ नारे क्यों लग रहे हैं?
भारत की बड़ी औद्योगिक कंपनी अडानी समूह के ख़िलाफ़ ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन हो रहे हैं. शनिवार को बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शनकारियों ने अडानी समूह के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
अडानी समूह ऑस्ट्रेलिया में कोयला खदान शुरू करना चाहता है. बताया जा रहा है यह ऑस्ट्रेलिया की सबसे बड़ी कोयला खदान होगी, लेकिन पर्यावरण और आर्थिक कारणों की वजह से यह योजना कई सालों से लटकी हुई है.
पर्यावरण समूहों का कहना है कि क्वींसलैंड में कोयला खदान शुरू होने से ग्लोबल वॉर्मिंग का ख़तरा बढ़ जाएगा और इससे विश्व प्रसिद्ध ग्रेट बैरियर रीफ़ को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है.
'स्टॉप अडानी' अभियान
अडानी की कोयला खदान योजना के ख़िलाफ़ 'स्टॉप अडानी' नामक अभियान के तहत 45 विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए.
एक प्रदर्शन के आयोजक ब्लेयर पेलीस ने बताया कि सिडनी के बोंडी तट पर एक हज़ार से भी ज्यादा लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने 'स्टॉप अडानी' लिखी हुई मानव श्रृंखला बनाई.
ऑस्ट्रेलिया की स्थानीय मीडिया ने दावा किया है कि आधे से ज़्यादा ऑस्ट्रेलियाई नागरिक इस खदान के विरोध में आ गए हैं.
आर्थिक समस्या
वहीं विश्लेषकों को इस बात पर भी संशय है कि अडानी इस खदान के लिए फंड दे भी पाएंगे या नहीं, जिसकी शुरुआती लागत 400 करोड़ डॉलर है.
दूसरी तरफ, अडानी समूह का कहना है कि इस योजना के जरिए कई लोगों को नौकरियां मिलेंगी, साथ ही भारत को कोयला निर्यात किया जाएगा जिससे ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंचाई जा सकेगी.
अडानी ने इस योजना के लिए रेल लिंक शुरू करने के मकसद से उत्तरी ऑस्ट्रेलिया इंफ्रास्ट्रकचर फेसिलिटी (एनएआईएफ) से 70 करोड़ डॉलर से ज़्यादा का ऋण लेने का प्रस्ताव भी रखा हुआ है
हालांकि अडानी समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयकुमार जनकराज ने कहा कि अगर कॉमर्शियल बैंक पूरा कर्ज उठा लेते हैं तो उन्हें एनएआईएफ से पैसा नहीं लेना पड़ेगा.
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