परमाणु हथियारों को खात्मे की कोशिशों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार

इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार परमाणु हथियारों के ख़ात्मे के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था 'इंटरनेशनल कैम्पेन टू अबोलिश न्यूक्लियर वेपन्स' (आईकैन) को दिया गया है.

नोबेल कमेटी की प्रमुख बेरिट रेइस-एंडरसन ने कहा कि परमाणु हथियारों पर रोक की संधि की आईकैन की कोशिशों के लिए ये पुरस्कार दिया गया है.

उन्होंने उत्तर कोरिया का ज़िक्र करते हुए कहा ,''हम ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का ख़तरा पहले से कहीं ज़्यादा है.''

उन्होंने परमाणु हथियार संपन्न देशों से एटमी हथियार ख़त्म करने के लिए बातचीत शुरू करने की अपील की है.

क्या है आईकैन ?

आईकैन ख़ुद को सौ से ज़्यादा देशों में काम करने वाले ग़ैर-सरकारी संस्थाओं का समूह बताता है. इसकी शुरुआत ऑस्ट्रेलिया में हुई थी और साल 2007 में विएना में इसे औपचारिक तौर पर लॉन्च किया गया.

स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा में आधारित इस संस्था को दिसंबर में नोबेल पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक जुलाई में 122 देशों ने परमाणु हथियारों के निवारण के लिए संयुक्त राष्ट्र की संधि को मंज़ूरी दी थी, इसमें अमरीका, रूस, चीन, ब्रिटेन शामिल थे और फ्रांस इस वार्ता से बाहर रहा था.

उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच परमाणु हथियारों को लेकर बढ़े तनाव के बीच नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई है, ये निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

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