कब कब गोलियों से दहला अमरीका

अमरीका में लास वेगास में म्यूज़िक फेस्टिवल के आख़िरी दिन हुई गोलीबारी में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं. हमले में सैकड़ों लोग घायल हैं.

स्थानीय पुलिस ने बताया कि 64 साल के स्टीफ़न पैडक नाम के एक शख़्स ने मंडलई बे होटल के 32वें फ्लोर से ओपन-एयर म्यूज़िक उत्सव में अंधाधुंध गोलीबारी की थी.

पुलिस के मुताबिक़, संदिग्ध हमलावर स्थानीय नागरिक था, हालांकि हमलावर मारा गया है. इस हमले को अमरीकी इतिहास में सबसे भयावह गोलीबारी कहा जा रहा है.

जून 2016: ऑरलैंडो में नाइट क्लब में गोलीबारी

अमरीका में फ़्लोरिडा के ऑरलैंडो में एक समलैंगिक नाइट क्लब में 12 जून 2016 को गोलीबारी हुई. 'पल्स' ऑरलैंडो शहर के सबसे बड़े नाइट क्लबों में से एक है. हमले में 49 लोगों की मौत हो गई.

अप्रैल 2007: वर्जीनिया टेक हमला

अमरीका के वर्जीनिया स्थित एक यूनिवर्सिटी में हुए हमले को वर्जीनिया टेक नरसंहार भी कहते हैं. ये हमला 16 अप्रैल 2007 को यूनिवर्सिटी की इंजीनियरिंग बिल्डिंग में हुआ. हमले में क़रीब 32 लोग मारे गए. पुलिस ने हमलावर को भी मार गिराया. तत्कालीन अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने हमले के बाद कहा कि इससे अमरीका 'सदमे में और दुखी है.'

दिसंबर 2012: कनेक्टिकट हमला

अमरीका के कनेक्टिकट में एक स्कूल में 14 दिसंबर 2012 की सुबह एक शख़्स ने गोलीबारी की. हमलावर की पहचान 20 साल के एडम लान्ज़ा के तौर पर की गई. स्कूल में गोलीबारी से पहले उसने अपनी मां को भी गोली मारकर हत्या कर दी थी. हमले में क़रीब 20 बच्चों और 6 वयस्कों समेत कुल 27 की मौत हुई.

अक्टूबर 1991: किलीन हमला

अमरीका में टेक्सस के किलीन स्थित लुबीज कैफ़ेटेरिया में एक ट्रक के ज़रिए लोगों को कुचला गया और गोलीबारी की गई. जॉर्ड हेनार्ड नाम के शख़्स ने इस हमले में 23 लोगों की जान ली और ख़ुद को भी ख़त्म कर दिया.

दिसंबर 2015: सैन बर्नार्डिनो हमला

कैलिफ़ोर्निया के इनलैंड रीजनल सेंटर पर बमबारी करके बड़ी संख्या में लोगों की हत्या की कोशिश की गई. 2 दिसंबर 2015 को हुए हमले में 14 लोग मारे गए. दो में से एक हमलावर ने हमले वाले दिन सोशल मीडिया पर ख़ुद के इस्लामिक स्टेट से जुड़े होने का दावा किया था.

3 अप्रैल 2009: बिंघमटन में इमिग्रेशन सेंटर पर हमला

न्यूयॉर्क के बिंघमटन स्थित अमरीकी सिविक इमिग्रेशन सेंटर पर हुए हमले में क़रीब 13 लोग मारे गए. 3 अप्रैल 2009 को हुए हमले की ज़िम्मेदारी पाकिस्तानी तालिबान ने ली थी. हमले से बचकर 40 लोग भागने में कामयाब रहे.

अप्रैल 1999: कोलंबाइन हाई स्कूल हमला

कोलोराडो के कोलंबाइन हाई स्कूल में दो छात्रों ने ताबड़तोड़ फायरिंग में क़रीब 13 लोगों की हत्या कर दी. 20 अप्रैल 1999 को हुए हमले में दोनों छात्रों ने ऑटोमेटिक गन का इस्तेमाल किया. बाद में दोनों ने खुद को भी गोली मार ली. उनके शव लाइब्रेरी से बरामद हुए थे.

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