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'ड्राइविंग से 262 दिन दूर सऊदी अरब की महिलाएं'
- Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
- पदनाम, .
जून 2018 से लंबे अरसे के बाद सऊदी अरब की सड़कों पर वहां की महिलाएं ड्राइविंग करती दिखेंगी.
सऊदी शाह सलमान ने आदेश जारी कर मंत्रालयों को इस मामले में तीस दिन के अंदर रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया है.
1990 में लगाई गई इस पाबंदी को हटाए जाने का स्थानीय मीडिया में स्वागत किया गया है.
इस फ़ैसले की सराहना करते हुए स्थानीय समाचार पत्रों और समाचार वेबसाइटों ने इसे 'सऊदी अरब के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि' करार दिया है.
'ड्राइविंग से 262 दिन दूर महिलाएं'
सऊदी अरब के 'अल मदीना' न्यूज़पेपर की वेबसाइट समेत कई अख़बारों ने सऊदी अरब के शाह सलमान के शाही हुक्म के उस हिस्से को प्रमुखता से छापा है जिसमें इस्लामी शिक्षा के अनुसार महिलाओं की ड्राइविंग को अनिवार्य रूप से स्वीकृत बताया गया है, "महिला ड्राइविंग पर वरिष्ठ विद्वानों की परिषद के सदस्यों के बहुमत को ध्यान में रखते हुए, हम पाते हैं कि शरिया के अनुसार यह अनिवार्य रूप से स्वीकृत है."
'अल रियाद' अख़बार ने लिखा कि देश फ़ैसले का 'स्वागत' करता है. अख़बार ने साथ ही परिवहन राज्य मंत्री के उस बयान का ज़िक्र किया जिसमें उन्होंने महिला ड्राइविंग के पक्ष में कुछ भी मुहैया कराने के लिए खुद को प्रतिबद्ध बताया है.
सऊदी अख़बार 'अल-यौम' की वेबसाइट ने हेडलाइन लिखा, 'ड्राइविंग से 262 दिन दूर महिलाएं.'
सऊदी विदेश मंत्रालय
'अल-वतन' न्यूज़पेपर की वेबसाइट ने भी महिला ड्राइविंग के आदेश वाली ख़बर लगाई, हालांकि वेबसाइट पर 27 सितंबर को इससे जुड़ी केवल एक ख़बर ही लगाई गई.
सऊदी अरब की कई वेबसाइट ने सऊदी विदेश मंत्रालय के इंफ़ोग्राफ़िक्स को कई भाषाओं में शेयर करते हुए लिखा, "सऊदी अरब ने महिलाओं को ड्राइविंग की इजाज़त दी."
'अल-शार्क़' न्यूज़पेपर ने भी इस फ़ैसले के अहम सकारात्मक बिंदुओं से जुड़ा एक इंफ़ोग्राफ़िक्स लगाया जिसमें नकाब पहने एक महिला सड़कों पर देखती हुई गाड़ी चला रही है.
उसकी आंखों की एक पुतली में सऊदी शाह सलमान हैं तो दूसरी में प्रिंस सलमान.
अपने देश में स्वतंत्र घूम सकेंगीमहिलाएं
सऊदी अरब के अंग्रेज़ी अख़बार 'सऊदी गैज़ेट' और 'अरब न्यूज़' ने ख़बर पर फ़ोकस करते हुए अपनी क़वरेज़ में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं पेश कीं और साथ ही ओपिनियन भी छापे.
अरब न्यूज़ ने सऊदी शुरा काउंसिल की एक महिला सदस्य से बात की जिन्होंने कहा कि यह फ़ैसला एक सुखद आश्चर्य है जिससे कई परिवारों को फ़र्क पड़ेगा.
ओपिनियन के पन्ने पर एक लेखक ने कहा कि "बेतुके प्रतिबंध" के ख़ात्मे के साथ ही यह "रियाद का साहसिक क़दम" है जो लंबे समय तक चलने वाले दुःस्वप्न को प्रभावी तरीके से हल करेगा और जून 2018 से कई सऊदी महिलाएं अपने देश की सड़कों पर स्वतंत्र रूप से सफ़र कर सकेंगी.
सामाजिक ज़रूरत
'सऊदी गजट' के अनुसार, सऊदी महिलाओं ने इस फ़ैसले को "जबरदस्त" कहा है, हालांकि इसकी वेबसाइट पर यह भी लिखा गया कि समाज़ के कुछ लोग इसके लिए अभी तैयार नहीं हैं.
न्यूज़पेपर ने उन महिलाओं से बात की जिन्होंने इस निर्णय के सकारात्मक पहलुओं पर राय रखी है.
सऊदी के सरकारी किंगडम ऑफ़ सऊदी अरेबिया टीवी ने शाह की तारीफ़ के साथ इस ख़बर को प्रमुखता से दिखाया.
27 सितंबर को एक टॉक शो में एक राजनीतिक विश्लेषक ने टीवी पर कहा कि "आदेश ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक ज़रूरत को पूरा किया."
रोने लगीं महिला राजनेता
सऊदी अरब के सरकारी न्यूज़ चैनल 'अल-इख़बारिया' टीवी ने कई विशेषज्ञों से बात की जिसमें जेद्दा में महिला शुरा काउंसिल की सदस्य भी शामिल थीं.
इस मसले पर बोलते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए.
टीवी पर सांस्कृतिक मंत्री के बयान को भी शामिल किया गया, उन्होंने फ़ैसले को साम्राज्य के विकास से जोड़ कर देखा, जिसमें महिलाएं "एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं."
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर भी इस फ़ैसले का स्वागत किया गया. कई हैशटैग लॉन्च किए गए. शुरुआती प्रतिक्रिया में ड्राइविंग के ख़तरों से जुड़े ट्वीट किए गए.
हज़ारों महिलाओं ने सऊदी शाह और प्रिंस सलमान की तस्वीरों के साथ ही उन्हें धन्यवाद देता हुआ पोस्ट किया.
कई महिलाओं के डांस वाले ज़िफ़ अपलोड किए
@O_Wedd ने ये तस्वीर अपलोड करते हुए लिखा, "नीचे से शुरू कर अब हम यहां पहुंच गए हैं."
अन्य महिलाओं ने उन महिला कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान प्रकट किया जिन्होंने इस प्रतिबंध को हटाने में अपना अमूल्य योगदान दिया है.
@Yara_Albashair ने ट्वीट किया, "उन सभी को जिन्होंने इस क़ानून का विरोध किया और कहा कि ये कभी नहीं हो सकता. महिलाएं, हम जीत गए हैं!
फ़ेसबुक पर सउद अल-शम्मारी ने महिला कार्यकर्ताओं के संघर्ष और सक्रियता की प्रशंसा की.
प्रतिबंधों को ख़ारिज करती हुई महिलाओं की पहले की तस्वीरें भी पोस्ट की गईं.
महिला ड्राइविंग पर ली गई चुटकी
हालांकि कुछ पुरुषों ने महिलाओं की ड्राइविंग के ख़तरों से जुड़ी तस्वीरें भी पोस्ट की.
इसमें उन्होंने जल्द ही दिखने वाले सऊदी सड़कों पर अपने विचार भी व्यक्त किए.
@kxa4ever ने एक टेढ़ी हुई कार की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "यू इडियट, पहले मैं यहां था."
इस यूज़र ने एक और तस्वीर पोस्ट किया जिसमें एक कार दीवार से टकरा गई थी और उन्होंने लिखा, "हैलो डैड, यहां आइए, एक घर ने मुझे टक्कर मार दिया है."
कुछ ऐसे भी हैशटैग ट्रेंड में थे, जिसमें महिलाओं के पक्ष में आए इस फ़ैसले का विरोध किया गया.
(बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की ख़बरें ट्विटर और फ़ेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)