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झाड़ू से समुद्र साफ़ कर रहा अमरीका: उत्तर कोरियाई अख़बार
- Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
- पदनाम, बीबीसी हिंदी के लिए
उत्तर कोरिया के एक सरकारी अख़बार में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को 'बेवकूफ़ाना' बताते हुए कहा गया है कि इनसे कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा.
अमरीका और उसके सहयोगी देशों की ओर से उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ लाए गए पाबंदी प्रस्ताव को 'मिंजू जोसन' अख़बार ने मंगलवार को 'मानसिक संतुलन खो चुके लोगों का बेवकूफाना काम' बताया. अख़बार ने लिखा है कि उसे अंदाज़ा है कि अमरीका और उसके सहयोगी देशों के 'आपराधिक कृत्य' कैसी आपदा ला सकते हैं.
अख़बार के मुताबिक, "उत्तर कोरिया पर अमरीका के प्रतिबंध व्यर्थ साबित होंगे और यह समुद्र को झाड़ू से साफ़ करने जैसा होगा."
'कुछ हासिल नहीं होगा'
अख़बार ने आगे कहा, 'यह सच में घिनौना है और ज़्यादा मूर्खतापूर्ण यह है कि अमरीका मामूली पाबंदियों पर अपना भविष्य दांव पर लगाए हुए है, जबकि वह जानता है कि इन पाबंदियों से कुछ हासिल नहीं होगा.'
अख़बार ने लिखा है कि अमरीकी पाबंदियों से दुश्मन का वजूद मिटाने के लिए उत्तर कोरिया की सेना का मनोबल और बढ़ा है. अख़बार के मुताबिक इन पाबंदियों का मक़सद साफ़ है और इनके ज़रिये अमरीका उत्तर कोरिया की संप्रभुता, वजूद के अधिकार और विकास पर चोट करना चाहता है.
'आख़िरी जंग'
अख़बार ने आगे लिखा है कि अमरीका लगातार उत्तर कोरिया की विचारधारा के अपमान और उसके सोशल सिस्टम को धराशायी करने के लिए काम कर रहा है, इसलिए उत्तर कोरिया के पास कोई और विकल्प नहीं है. लिहाज़ा उत्तर कोरिया की सेना और आम लोग अतीत की तरह आख़िरी जंग जीतने और अमरीका और दूसरी उत्तर कोरिया विरोधी ताक़तों को हराने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े हैं.
उधर दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन ने ज़ोर देकर कहा है कि वह संयुक्त राष्ट्र महासभा में उत्तर कोरिया मसले के समाधान का रास्ता खोजेंगे. न्यूयॉर्क में उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आप उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल उकसावों के लिए बहुत चिंतित होंगे. हालांकि संयुक्त राष्ट्र महासभा में मैं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दूसरे नेताओं के साथ इसे बुनियादी तरीके से हल करने के रास्ते खोजूंगा."
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