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उत्तर कोरिया के लोग क्यों नहीं कर रहे सीमा पार?
उत्तर कोरिया से दक्षिण कोरिया की तरफ जाने वाले लोगों की संख्या में 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. यह आंकड़ा दक्षिण कोरिया के अधिकारियों ने जारी किया है.
दक्षिण कोरिया यूनीफिकेशन मंत्रालय के अनुसार इस साल जनवरी से अगस्त के बीच 780 उत्तर कोरियाई नागरिक दक्षिण कोरिया आए. इसमें सबसे ज़्यादा संख्या ग़रीब कामगारों और किसानों की है.
कड़े सुरक्षा बंदोबस्त
सीमा पार करने वाले लोगों की संख्या में आयी इस गिरावट के पीछे उत्तर कोरिया और चीन की सरकार द्वारा सीमा पर बढ़ाए गए सुरक्षा इंतजामों को समझा जा रहा है.
सोल स्थित अधिकारियों के अनुसार 1953 में कोरियाई युद्ध के बाद से अभी तक कुल 30 हज़ार उत्तर कोरियाई नागरिक दक्षिण कोरिया आ गए हैं.
दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच बेहद कड़वे संबंध हैं. युद्धविराम संधि होने के बावजूद इनके बीच युद्ध से हालात बने रहते हैं.
चीन की बॉर्डर से करते हैं सीमा पार
सीमा पार करने वाले अधिकतर उत्तर कोरियाई नागरिक चीन की बॉर्डर का सहारा लेते हैं. यह उत्तर कोरिया की सबसे लंबी सीमा है.
इस साल सीमा पार कर उत्तर कोरिया जाने वाले लोगों में 56.9 प्रतिशत कामगर मजदूर और किसान थे जबकि 3.5 प्रतिशत सैनिक और सरकारी कर्मचारी थे. यह आंकड़ा दक्षिण कोरिया की न्यूज़ एजेंसी योनहैप ने यूनीफिकेशन मंत्रालय के हवाले से प्रकाशित किया है.
कुवैत ने उत्तर कोरिया के राजदूत को हटाया
उधर दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कुवैत ने उत्तर कोरिया के राजदूत को हटाने का फ़ैसला लिया है और अपने देश में प्योंगयांग के साथ कूटनीतिक संबंधों में कमी लाने का भी निर्णय लिया है.
हालांकि इन मीडिया रिपोर्ट में किसी अधिकारी का नाम प्रकाशित नहीं है और अभी इसकी आधिकारिक घोषणा होना बाक़ी है.
हाल ही में अमरीका ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को बंद करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की बात कही थी, इसके बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर कई नए प्रतिबंध लगा दिए थे.
कुवैत खाड़ी में मौजूद देशों में अकेला ऐसा देश है जहां उत्तर कोरिया का दूतावास है. एएफ़पी समाचार एजेंसी के अनुसार कुवैत में लगभग 2000 से 2,500 उत्तर कोरियाई नागरिक काम के सिलसिले में रहते हैं.
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