You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
रूस सैन फ्रांसिस्को का वाणिज्य दूतावास बंद करे- अमरीका
अमरीकी सरकार ने रूस से कहा है कि वो सैन फ्रांसिस्को स्थित अपना वाणिज्य दूतावास और दो अन्य मिशन बंद करे.
अमरीकी सरकार का कहना है कि रूस को अपनी 'अनुचित' कार्रवाई के जवाब में शनिवार तक न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में मौजूद वाणिज्य दूतावास और अनेक्सी बंद करने के लिए कहा गया है.
बीते महीने रूस ने अपने देश में मौजूद अमरीकी राजनयिकों की संख्या कम कर दी थी जिसके जवाब में अमरीकी गृह मंत्रालय ने यह कदम उठाया है.
उससे पहले बीते साल दिसंबर में पूर्व अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने क्रीमिया पर कब्ज़ा करने और अमरीकी राष्ट्रपति चुनावों में कथित हस्तक्षेप के आरोप में अमरीका ने रूस पर प्रतिबंध लगा दिए थे और 35 रूसी राजनयिकों को देश से बाहर जाने को कहा था.
ओबामा की कार्रवाई का जवाब
इसके साथ ही ओबामा ने अमरीका में मौजूद रूस के दो राजनयिक परिसरों (मेरीलैंड के पूर्वी तट पर मौजूद परिसर और न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड में ग्लेन कोव) को बंद कर दिया था.
उनका कहना था कि अमरीका को रूसी हरकतों से सावधान रहना चाहिए.
हालांकि उस वक्त रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. लेकिन अमरीकी प्रतिबंधों के उत्तर में उन्होंने इस साल जुलाई में उन्होंने 755 अमरीकी राजनयिकों को रूस छोड़ने को कहा.
साथ ही उन्होंने कहा कि वो जल्द ही दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार को नहीं देख रहे हैं.
अमरीकी राजनयिकों के पास शुक्रवार तक का वक्त
जुलाई में जिन अमरीकी राजनयिकों को रूस ने देश छोड़ने के लिए कहा था उन्हें 1 सितंबर यानी अपने देश लौटना है. शुक्रवार से पहले ही अमरीका में रूसी दूतावास और वाणिज्य मिशन को बंद किया जाना है.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरूवार को बताया कि दूतावास और वाणिज्य मिशन को बंद कर दिया जाएगा लेकिन किसी रूसी कर्मचारी को फिलहाल देश छोड़ कर जाने के लिए नहीं कहा गया है.
अधिकारी का कहना है कि रूस इन संपत्तियां का रख-रखाव कर सकता है लेकिन वो इनका इस्तेमाल नहीं कर सकता.
अब दोनों देशों में तीन-तीन दूतावास
अमरीकी गृह मंत्रालय ने कहा है कि कार्रवाई रूस के साथ बराबरी के स्तर पर की गई है.
मंत्रालय ने रूस पर द्विपक्षीय रिश्तों को बिगाड़ने का आरोप लगाया और कहा कि वो इस विवाद को सुलझाना चाहते हैं.
एक बयान में गृह मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नुआर्ट ने कहा, "अमरीका को उम्मीद है कि इस कदम के साथ रूस की समानता लाने की इच्छा की दिशा में एक कदम है. इस संबंध में हम आगे जवाबी कार्रवाई से बच सकते हैं और दोनों राष्ट्रपति ने जिन साझा उद्देश्यों की बात की है उस दिशा में आगे बढ़ सकते हैं. हम अपने रिश्ते बेहतर कर सकते हैं और दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ा सकते हैं."
नुआर्ट ने कहा कि अमरीका के इस कदम के बाद अब दोनों देशों में एक दूसरे के तीन-तीन दूतावास होंगे.
रूस की प्रतिक्रिया
गुरूवार को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लैवरॉव ने अमरीकी गृह मंत्री रेक्स टिलरसन से फ़ोन पर बात की और 'द्विपक्षीय रिश्तों में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई.'
रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि रूस अमरीका के इस आदेश को अभी देखेगा और उसके बाद ही फ़ैसला लेगा.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)