You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
'पुतिन अमरीकी चुनाव में ट्रंप की मदद करना चाहते थे'
अमरीका के ख़ुफ़िया अधिकारियों की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ख़ुद डोनल्ड ट्रंप को जिताने के लिए मदद करना चाहते थे.
एक अनक्लासिफ़ाइड रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए पुतिन ने एक व्यापक साइबर कैंपेन शुरू करने का निर्देश दिया था.
ये रिपोर्ट अमरीका के निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और ख़ुफ़िया अधिकारियों के बीच मुलाकात के बाद जारी की गई.
इस बीच डोनल्ड ट्रंप ने ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की और कहा कि ये मुलाकात सकारात्मक रही. लेकिन डोनल्ड ट्रंप का कहना है कि रूस की तरफ़ से की गई हैकिंग का चुनाव के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ा है.
इस रिपोर्ट के मुताबिक पहले रूस का इरादा अमरीकी लोगों को लोकतंत्र से विश्वास को कम करना था लेकिन बाद में ये साइबर कैंपेन डोनल्ड ट्रंप की मदद करने और हिलेरी क्लिंटन को पछाड़ने की तरफ़ मुड़ गया.
25 पन्नों की इस रिपोर्ट में राष्ट्रपति ओबामा को गुरुवार को और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को दी गई गुप्त रिपोर्ट के कुछ हिस्से हैं
इसमें हैकिंग में पुतिन की कथित भूमिका के सीधे सबूत नहीं दिए गए हैं.
राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद से डोनल्ड ट्रंप लगातार रूसी हैंकिग के दावों पर सवाल उठाते रहे हैं.
अमरीकी अधिकारियों ने रूस पर डेमोक्रैटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के चुनाव प्रचार के ईमेल हैक करने का आरोप लगाया है.
रूस इन आरोपों से इनकार करता रहा है. राष्ट्रपति ओबामा प्रशासन ने 35 रूसी राजनयिकों को देश से निकाल भी दिया था.
इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि ख़ुफ़िया एजेंसियों को पूरा भरोसा है कि रूसी सैनिक, ख़ुफ़िया अधिकारियों ने डेमोक्रैटिक नेशनल कमेटी और वरिष्ठ डेमोक्रैट नेताओं के ईमेल जारी करने के लिए विकीलीक्स जैसे मध्यस्थ का भी सहारा लिया है.
वहीं विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज कह चुके हैं कि डेमोक्रैट्स के ईमेल लीक करने के पीछे रूस का हाथ नहीं था.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)