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'जो आप बोएंगे, वही काटेंगे' : उत्तर कोरिया-अमरीका तनातनी पर चीन
उत्तर कोरिया और अमरीका के बीच तनातनी में चीन की भूमिका क्या होगी, इस पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं.
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक ट्वीट के जरिए साफ़ कर दिया कि उत्तर कोरिया की दागी मिसाइल का जवाब बातचीत नहीं है.
इसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ छुनइंग ने मसले पर देश की स्थिति स्पष्ट की.
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में छुनइंग ने कहा कि जिन देशों ने यह स्थिति पैदा की है उन्हें ही इसका समाधान खोजना चाहिए.
उन्होंने कहा, "जो आप बोएंगे, वही काटेंगे, चीन इस पर विश्वास करता है. जिन्होंने ये स्थिति पैदा की है, उन्हें ही इसका हल तलाशना चाहिए."
चीन का जवाब
उत्तर कोरिया के विवाद पर चीनी प्रवक्ता ने कहा, "मैं इस बात पर ज़ोर देना चाहती हूं कि चीन ने कोरिया से परमाणु हथियारों को ख़त्म करने पर बात कही है. सुरक्षा परिषद् के प्रस्तावों के तहत हम काम कर रहे हैं. इस मामले में चीन की भूमिका निष्पक्ष है और हमलोग सकारात्मक तरीके से प्रयास कर रहे हैं."
चीन की भूमिका को लेकर सवाल उठाने वाले देशों पर उन्होंने कहा, "हमने देखा है कि वे लोग अपने फायदे के लिए दूसरों पर उंगली उठाते हैं. लेकिन मैं चीन पर दबाव बनाने वाले तमाम देशों से ये पूछना चाहती हूं कि क्या वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को सही तरीके से पालन कर रहे हैं?"
उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु मसले के समाधान के लिए संबंधित देशों को क़दम उठाने को कहा.
मसले का समाधान
छुनइंग ने कहा, "मसले का शांतिपूर्वक समाधान संबंधित देशों यानी पश्चिम और दक्षिण कोरिया और अमरीका के हाथों में है. वे लोग समाधान के लिए एक क़दम आगे तो बढ़ते हैं पर उसके बाद तीन क़दम पीछे चले जाते हैं. वे लोग मसले का समाधान ढूंढने में इच्छा ही नहीं जता रहे हैं. ऐसी स्थिति में दूसरों पर दवाब क्यों डाला जा रहा है."
सुरक्षा परिषद
उत्तर कोरिया पर मजबूत आर्थिक प्रतिबंध के सवाल पर हुआ छुनइंग ने कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के दायरे में आते हैं.
चीनी प्रवक्ता का कहना था, "हम परिषद के प्रस्तावों का अनुसरण करते हैं. उत्तर कोरिया मसले पर सुरक्षा परिषद की ओर से अधिक उपाय किए जाने चाहिए. हम किसी देश की एक तरफ़ा प्रतिबंध और शांति के मामले में दोहरी नीति का विरोध करते हैं."
मसले के सुलझाने में रूस के साथ चीन की क्या बातचीत चल रही है, इस सवाल पर उन्होंने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय मसलों को सुलझाने, शांति कायम करने और उत्तर कोरिया में परमाणु हथियारों के समाधान के लिए दोनों देशों के समान लक्ष्य हैं. सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों का एक ही मत है."
हुआ छुनइंग ने कहा, "रूस चीन का महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है. हमलोग शांति कायम करने के लिए मिलकर काम करेंगे. मुझे लगता है कि ब्रिक्स सम्मेलन में दोनों देश इस मसले पर बात करेंगे."
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