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क़तर ने ईरान के साथ संबंध जोड़े
क़तर ने ईरान के साथ अपने सभी राजनयिक संपर्कों को फिर से बहाल करने की घोषणा की है,
सऊदी अरब और उसके सहयोगियों ने क़तर की घोषणा पर प्रतिक्रिया नहीं दी है.
क़तर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों देशों ने आम हित के आधार पर कई मुद्दों में सुधार के बारे में बात की.
बयान में इस बात का उल्लेख नहीं हुआ कि पड़ोसियों के साथ विवाद के दौरान, ईरान ने केवल क़तर एयरवेज को अपनी वायु सीमा का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी, जबकि वो जहाज़ों से दैनिक उपयोग के सामान भेजते थे.
2016 में क़तर ने उस समय, ईरान से अपने राजनयिक संबंधों को ख़त्म कर दिया था जब ईरान में सऊदी दूतावासों पर हमले किए गए थे.
हालांकि, अब क़तर अब ईरान के सभी क्षेत्रों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना चाहता है.
क्या है क़तर पर आरोप?
क़तर पर मिस्र, सऊदी अरब, यूएई और बहरीन ने आरोप लगाया है कि वो इस क्षेत्र में आईएस और चरमपंथ को बढ़ावा दे रहा है. इन चारों देशों ने क़तर के लिए अपने हवाई, ज़मीनी और समुद्री रास्ते बंद कर उसे कूटनीतिक दृष्टि से बिल्कुल अलग थलग कर दिया.
लेकिन जब छह अरब देशों ने कतर को कूटनीतिक संबंधों को तोड़े थे, उस समय तमाम प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए ईरान ने कतर की मदद की थी.
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