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'मुझे पता था कि पुरुष का पुरुष से सेक्स जुर्म है'
ऑस्ट्रेलिया में समलैंगिक विवाह के मुद्दे ने एक बार फिर राजनीतिक रुख ले लिया है. हाल के सर्वे में ये सामने आया है कि बीते कुछ सालों में ऑस्ट्रेलिया में इस मुद्दे को लेकर समर्थन बढ़ा है.
ऐसे में बीबीसी ने कुछ ऐसे जोड़ों से बात की है जो एक लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में इसे मान्यता मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं.
रिचर्ड स्टियर जब 18 साल के होने वाले थे तब ही उन्हें अच्छी तरह पता था कि किसी पुरुष के साथ अंतरंग संबंध रखना ग़ैर-क़ानूनी है.
"जब मैं 18 साल का लड़का था जो ये समझ रहा था कि गे पुरुष होना क्या होता है, तब क्वींसलैंड में किसी पुरुष के साथ यौन संबंध बनाने पर आपको गिरफ़्तार किया जा सकता था."
ब्रिसबेन में रहने वाले 47 वर्ष के स्टियर कहते हैं - हालांकि, क़ानून ख़त्म हो चुका है और ऑस्ट्रेलिया उनके रिश्ते को मान्यता देता है, लेकिन अभी भी ये उन्हें शादी नहीं करने देगी.
ऑस्ट्रेलिया में शादी होने का इंतज़ार कर रहे समलैंगिक जोड़ों का इंतज़ार लंबा होता दिख रहा है क्योंकि अभी तक ये साफ़ नहीं हो सका है कि उन्हें कभी भी क़ानूनी रूप से विवाह करने की इजाज़त मिलेगी या नहीं.
ये कुछ ऐसे मामले हैं जहां पर समलैंगिक जोड़े शादी करने का इंतज़ार कर रहे हैं. अब विवाह के समान अधिकार की बहस ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है.
रिचर्ड और माइकल - 'एक दिन वह बहुत बीमार हो जाएगा'
स्टियर कहते हैं, "मेरे साथी को एक बेहद ही गंभीर दिमाग़ी बीमारी है और मैं हमेशा सचेत रहता हूं कि मुझे हमारे रिश्ते के बारे में बताने की ज़रूरत है. मेरे मन में एक गंभीर और बेहद तार्किक डर है कि एक दिन वह बहुत बीमार हो जाएगा और कोई मुझे उसके कमरे में जाकर उसके साथ रहने से मना कर देगा."
अर्थशास्त्र विषय के सलाहकार रिचर्ड स्टियर की अपने साथी माइकल बट से 14 साल पहले रविवार की एक दोपहर को एक पब में मुलाक़ात हुई थी.
इसके 10 साल बाद उन्होंने अपने रिश्ते का जश्न मनाने के लिए 'कमिटमेंट सेरेमनी' मनाई थी.
वो कहते हैं, "हमारे दोस्तों और घरवालों ने इसे हमारी शादी का नाम दिया, लेकिन ये क़ानूनी शादी नहीं थी."
ब्रिसबेन में बीते 14 सालों से साथ रहने वाला ये जोड़ा ऑस्ट्रेलिया में समलैंगिक विवाह को अनुमति मिलने पर एक बार फिर शादी करेगा.
स्टियर बताते हैं, "शादी करके आपको ज़्यादा क़ानूनी अधिकार मिलते हैं, यदि (माइकल) लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर होता है तो मुझे उसके साथी के रूप में नहीं पहचाना जाएगा. ये मुझे बेहद परेशान करता है. अगर मैं शादीशुदा होता हूं तो मेरे पास हमारे रिश्ते को साबित करने के लिए काग़ज़ी सबूत होंगे."
एनेट और कायली - रिश्ते का अवैध ठहराया जाना था 'ख़राब अनुभूति'
48 साल की एनेट केयर्नडफ़ और 50 साल की कायली ग्विन ने ऑस्ट्रेलियाई राजधानी में विवाह किया था, लेकिन एक दिन बाद ही उनकी शादी को ख़ारिज़ कर दिया गया.
केयर्नडफ़ कहती हैं, "13 साल तक साथ रहने वाले दो लोगों की शादी को अवैध करार दिया गया था. ऐसे में हम अब शादीशुदा नहीं हैं, लेकिन हम 24 घंटों के लिए विवाहित ज़रूर थे."
केयर्नडफ़ की शादी के ठीक एक दिन बाद आए हाई कोर्ट के एक फ़ैसले ने उनके साथ-साथ 31 अन्य नव-विवाहित जोड़ों के सपनों पर भी पानी फेर दिया जिन्होंने 2013 में ऑस्ट्रेलिया में समलैंगिक विवाह वैध होने पर शादी की थी.
केयर्नडफ़ बताती हैं, "हम हंसी-मज़ाक में कहते हैं कि जब मैं दूसरी शादी करूंगी तो मैं अपनी दूसरी पत्नी से शादी करूंगी."
सिडनी में रहने वाली एनेट ने कभी भी शादी करने के बारे में नहीं सोचा था.
वो बताती हैं कि उनके लिए ये बहुत बड़ा धक्का था जब उनकी 'गार्डन वेडिंग' को कुछ ही घंटों में निरस्त ठहरा दिया गया.
केयर्नडफ़ कहती हैं, "ये दिल दुखाने वाली बात थी कि हमारी शादी क़ानूनी रूप से अवैध है. ये एक ख़राब भावना थी. एक साल बाद भी जब हमारी वर्षगांठ आई तब भी हमारे लिए ये एक काफ़ी ख़राब अनुभूति थी."
ऑस्ट्रेलिया में समलैंगिक विवाह
- ऑस्ट्रेलिया में बीते अक्टूबर महीने में (क़ानून में तब्दील न होने वाले) जनमत संग्रह को रोक दिया गया था, क्योंकि समलैंगिक विवाह के समर्थकों में इस बात की चिंता थी कि इस जनमत संग्रह से नफ़रत फैलाने वाले अभियानों को बढ़ावा मिल सकता है.
- डाक से मतदान के ज़रिए ये मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक सुर्खियों की फ़ेहरस्ति में शामिल हो गया है.
- बीते दिनों हुए पोल के नतीजों के मुताबिक ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों ने समलैंगिक विवाह को लेकर अपना समर्थन बढ़ा दिया है.
18 और 10 साल के दो लड़कों की मां केयर्नडफ़ कहती हैं कि अगर क़ानून बदलता है तो वह एक बार फिर शादी करेंगी, लेकिन वह इस बात पर अड़ी हुई हैं कि क़ानूनी आधार उनके रिश्ते में बदलाव नहीं लाएगा.
वे कहती हैं, "ऐसा नहीं है कि मैं शादी करने का इंतज़ार कर रही हूं. मैं लंबे समय से कायली के प्रति समर्पित हूं और अब ये समर्पण काफ़ी गहरा हो गया है."
एनेट कहती हैं, "इसका मेरे समर्पण से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन इससे लोगों की हमारे रिश्ते को देखने-समझने और इसे दूसरे रिश्तों के मुक़ाबले सम्मान मिलने पर फ़र्क पड़ता है."
मिशेल और केल - 'हमें भी समान अधिकार मिलें'
50 साल की मिशेल नोरिस और 35 साल की केली नोरिस ने सिडनी के बाहरी इलाक़े में स्थित बॉटेनिक गार्डन में अपनी मांओं के साथ आकर शादी की.
मिशेल कहती हैं, "हम सिर्फ़ इतना चाहते थे कि हमारी शादी हो जाए और ये हमारे लिए काफ़ी अहम थी. ये क़ानूनी भले ही न हो, लेकिन इसकी अहमियत कम नहीं है."
शादी के दौरान दोनों परिवारों समेत 5 बच्चों और 8 नाती-पोतों ने रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर उनके मिलने का जश्न बनाया.
मिशेल और केली की शादी कराने वालों ने इस जोड़े से वादा किया है कि अगर क़ानून बदलता है तो वह उसी तारीख़ 20 फ़रवरी को ही एक बार फिर उनकी शादी कराएंगे.
दादी-नानी बन चुकी ये महिलाएं पहले पुरुषों से भी शादी कर चुकी हैं, लेकिन अब एक-दूसरे के साथ चार सालों से रह रही हैं.
"मैं आशा करती हूं कि ये क़ानूनी हो जाए. सिर्फ़ हमारे लिए नहीं बल्कि सभी लोगों के लिए, क्योंकि विपरीत लिंग की शादियां भी सबसे बेहतर नहीं होतीं."
50 साल की मिशेल की सिर्फ़ एक मांग है कि अन्य लोगों की तरह उन्हें भी उनके अधिकार मिलें.
"मैं लोगों को बताती हूं कि केल मेरी पत्नी है तो लोग मेरी ओर देखते हैं और पूछते हैं कि वह मेरी पत्नी कैसे हो सकती है."
"कई लोग इसकी बात करते हैं और हम भी उनकी तरह हैं और उनकी तरह ही समान अधिकारों की मांग करती हूं."
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