हज यात्रा पर क़तर-सऊदी अरब के बीच पेंच

इमेज स्रोत, AHMAD GHARABLI/AFP/Getty Images
सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदेल अल-जुबेर ने क़तर और अन्य विरोधी अरब देशों के उन आरोपो को ख़ारिज किया है जिनमें उन्होंने सऊदी अरब पर अपने नागरिकों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया था.
विदेश मंत्री का कहना है कि यह पवित्र शहर मक्का के लिए होने वाली हज यात्रा के राजनीतिकरण की कोशिश हैं. उन्होंने कहा कि यात्रियों के प्रवेश को आसान बनाने के लिए हमारा ट्रैक रिकॉर्ड साफ़ रहा है.
30 जुलाई को मनामा में आदेल अल-जुबेर के साथ सऊदी के सहयोगी देशों मिस्र, बहरीन और यूएई के उनके समकक्ष भी मौजूद थे. मनामा में चारों की बातचीत के बाद जारी बयान में आरोप लगाया गया कि 'क़तर ख़ुद अपने नागरिकों को हज यात्रा पर जाने से बाधित कर रहा है.

इमेज स्रोत, Al Arabia
सऊदी अरब के चैनल अल-अरेबिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक क़तर के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने हज के लिए पंजीकरण करवाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सेवा रोक दी है.
उपासना का अधिकार को लेकर यूएन में उठा मुद्दा
सऊदी अरब और उसके सहयोगी अरब देशों ने 5 जून को क़तर से रिश्ते तोड़ दिए थे. तभी से क़तर के नागरिकों के सऊदी अरब में आने पर रोक लगा दी गई थी. मगर सऊदी नागरिकों के करीबी संबंधियों के साथ-साथ उमराह और हज यात्रियों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है.
अल-अरेबिया से बात करते हुए विदेश मंत्री अल-जुबेर ने हज के मसले को क़तर द्वारा अंतररराष्ट्रीय स्तर पर उठाने को 'युद्ध का ऐलान' करार दिया है.

इमेज स्रोत, Getty Images
19 जुलाई को क़तर के मानव अधिकार आयोग के प्रमुख ने सऊदी अरब पर हज यात्रा पर जाने के इच्छुक क़तरी नागरिकों को 'परेशान करने और उनके लिए मुश्किलें खड़ी करने' का आरोप लगाया.
क़तर के अल-जज़ीरा टीवी के अनुसार उन्होंने मनी ट्रांसफर रिजेक्ट होने और 'सऊदी नागरिकों में क़तर के लोगों के प्रति उत्तेजना बढ़ने' को चिंता का विषय बताया.
मानवाधिकार आयोग ने कहा कि उसने संयुक्त राष्ट्र में मान्यता और धर्म की स्वतंत्रता के विशेष प्रतिवेदक के पास इन बंदिशों को लेकर शिकायत दर्ज की है. अल-जज़ीरा के मुताबिक क़तर का कहना था कि ये बंदिशें ''अंतरराष्ट्रीय नियमों और उपासना के अधिकार को सुनिश्चित करने वाले समझौतों का सरासर उल्लंघन है."
हज यात्रा को लेकर हैं कई विवाद
क़तर अकेला विरोधी नहीं है जिसका हज मामले को लेकर सऊदी अरब से विवाद है.
सीरिया के विपक्ष का समर्थन करने वाले मीडिया ने सीरिया सरकार पर सऊदी अरब जाने वाले हज यात्रियों को रोकने के आरोप लगाए हैं.

इमेज स्रोत, AHMAD GHARABLI/AFP/GETTY IMAGES
मीडिया ने कथित तौर पर लीक हुआ 20 तारीख़ का एक मेमो शेयर किया था जिसमें बॉर्डर पुलिस को आदेश दिया गया था कि सऊदी वीज़ा धारकों को इंटेलिजेंस सर्विस की स्वीकृति के बिना यात्रा न करने दी जाए.
सीरिया के विपक्ष का समर्थन करने वाले ओरियंट न्यूज टीवी की वेबसाइट के मुताबिक सीरिया का विपक्ष पड़ोसी देशों और विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इदलिब प्रांत में सऊदी मान्यता प्राप्त ब्यूरो चलाता है जिनके पास हज के लिए वीज़ा देने का अधिकार है.
इस बीच, यमन में सऊदी विरोधी सोशल मीडिया यूज़र्स ने एक मेमो शेयर किया है. वे कहते हैं कि इस मेमो को यमन के एंडोमेंट्स मंत्रालय के मंत्री ने जारी किया है. इसमें यमन के वाणिज्य दूतावास को आदेश दिए गए हैं कि दक्षिणी यमन के यात्रियों को इजाज़त न दी जाए.
यमन के मंत्रालय के प्रवक्ता ने सऊदी अखबार अल-रियाद को 30 जुलाई को बताया था, 'हम स्पष्ट रूप से बताना चाहते हैं कि यह मेमो मंत्री के कार्यालय से जारी नहीं हुआ था.' उन्होंने आरोप लगाया कि इस रिपोर्ट के पीछे जो लोग हैं, वे राजद्रोह की साज़िश रच रहे हैं.

इमेज स्रोत, AFP
अल-अरेबिया ने 30 जुलाई को हज यात्रा को लेकर ईरान के सर्वोच्च नेता की टिप्पणियों पर भी रोशनी डाली. उनके ऊपर मौके के 'राजनीतिकरण' का आरोप लगाया गया.
साथ ही ईरानी हज यात्रियों के पहले जत्थे के आगमन पर भी रोशनी डाली और बताया कि इस साल 86,500 ईरानी नागरिक हज के लिए सऊदी अरब आ सकते हैं.
चिर-प्रतिद्वंद्वी सऊदी अरब और ईरान तभी से हज यात्रा को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाने में उलझे हुए हैं जब एक क्रेन गिरने और बाद में भगदड़ मचने से ईरानी नागरिकों समेत कई हज यात्रियों की मौत हो गई थी.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












