You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
सऊदी अरब में मिनी स्कर्ट वाली लड़की पर बवाल
सऊदी अरब में अधिकारी एक महिला से पूछताछ कर रहे हैं जिन्होंने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें वो मिनी स्कर्ट और छोटा टॉप पहने नज़र आ रही थीं.
"ख़ुलूद" नाम की इस मॉडल ने ऐतिहासिक माने जाने वाले उशायकिर क़िले में घूमने का अपना वीडियो पोस्ट किया था.
सोशल मीडिया पर ये वीडियो चर्चा का विषय बन गया. कुछ लोगों ने इसे रूढ़िवादी देश में ड्रेस कोड का उल्लंघन बताते हुए महिला की गिरफ्तारी की मांग की.
सऊदी अरब के कई लोग महिला के समर्थन में आए हैं और 'इस बहादुरी' के लिए उनकी प्रशंसा की है.
सऊदी अरब में महिलाओं के लिए ये ज़रूरी है कि वो सार्वजनिक स्थानों पर ढीले-ढाले और पूरा तन ढकने वाला अबाया पहनें और साथ ही अपना सिर भी ढकें. उन्हें गाड़ी चलाने की मनाही है और उनके लिए अनजान पुरुषों से दूर रहना ज़रूरी है.
बीते सप्ताह पहली बार इस वीडियो को स्नैपचैट पर शेयर किया गया था. इसमें राजधानी रियाद के उत्तर में मौजूद नाज़ प्रांत के ऐतिहासिक महत्व वाले उशायकिर क़िले की सुनसान गलियों में घूम रही हैं.
माना जाता है नाज़ सऊदी अरब का सबसे रूढ़िवादी इलाका है. 18वीं सदी में इसी जगह पर सुन्नी वहाबी इस्लाम के प्रवर्तक पैदा हुए थे.
सऊदी अरब का राज परिवार और धार्मिक संगठन सुन्नी इस्लाम के सबसे कट्टर माने जाने वाले वहाबी पंथ को मानते हैं.
सऊदी अरब में ट्विटर पर जल्द ही इस वीडियो को शेयर किया जाने लगा और इस पर लोग बंटे हुए नज़र आए. जहां एक तबके का कहना था कि इसके लिए ख़ुलूद को सज़ा दी जानी चाहिए, एक अन्य तबके का कहना था कि वो जो पहनना चाहती हैं, उन्हें उसे पहनने की आज़ादी होनी चाहिए.
पत्रकार ख़ालिद ज़िदान ने लिखा, "हया यानी धार्मिक पुलिस की वापसी होना ज़रूरी है."
एक अन्य व्यक्ति का कहना था, "हमें देश के क़ानून का सम्मान करना चाहिए. फ़्रांस में नक़ाब पर रोक है और वहां यदि महिलाएं नक़ाब पहनें तो उन पर जुर्माना लगाया जाता है. सऊदी अरब में क़ानून अबाया पहनने के लिए कहता है जो एक शालीन पोशाक है."
लेखक और चिंतक वेल अल-क़ासिम ने कहा, "मैं ग़ुस्से से भरे और ऐसे डरावने ट्वीट देख कर सदमे में हूं."
वो कहते हैं, "मुझे लगा कि शायद उन्होंने किसी पर बम गिरा दिया है या किसी की हत्या कर दी है. लेकिन ये मामला तो उनकी स्कर्ट का है जो उन्हें पसंद नहीं आया."
बीते साल लागू किए गए सुधार कार्यक्रमों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि उनकी गिरफ़्तारी से देश के विज़न- 2030 को सफलता मिलेगी."
31 साल के सऊदी राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान ने बीते साल इन सुधार कार्यक्रमों को हरी झंडी दिखाई थी.
कुछ लोगों ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप और उनकी बेटी इवांका से ख़ुलूद की तुलना की जिन्होंने अपनी सऊदी यात्रा के दौरान ना तो अबाया पहना और ना ही अपना सिर ढका.
कई लोगों के अनुसार अगर ख़ुलूद विदेशी महिला होतीं को लोग उनकी सुंदरता की बातें करते, लेकिन वो सऊदी नागरिक हैं इसीलिए लोग उनकी गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं.
फ़ातिमा अल-इस्सा ने लिखा, "वो विदेशी होतीं तो लोग उनकी कमर की सुंदरता पर, उनकी नशीली आंखों पर गीत लिख रहे होते.... लेकिन वो सऊदी हैं तो उनकी गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं."
सोमवार को ओकाज़ अख़बार ने एक ख़बर छापी कि उशायकिर में अधिकारियों ने प्रांतीय गवर्नर और पुलिस को ख़ुलूद के ख़िलाफ़ कार्यवाई करने के लिए कहा है.
देश की धार्मिक पुलिस 'कमेटी फ़ॉर प्रोमोशन ऑफ़ वर्ट्यू एंड प्रीवेंशन ऑफ़ वाइस' ने ट्विटर पर लिखा है कि उन्हें विवादित वीडियो की जानकारी है और वो संबंधित अधिकारियों से संपर्क में हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)