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रूसी जाँच पर ट्रंप को ख़ारिज किया अमरीका के नए FBI निदेशक ने
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़बीआई के नए निदेशक क्रिस्टोफर रे ने कहा है कि अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस की कथित दखलअंदाज़ी की जाँच को वो 'निशाना बनाकर कार्रवाई करने' जैसा नहीं मानते, जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है.
रे ने इस मामले की विशेष जाँच कर रहे एफ़बीआई के पूर्व निदेशक रॉबर्ट मुलर के बारे में कहा, "मैं नहीं मानता का मुलर निशाना बनाकर ये जाँच कर रहे हैं."
50 वर्षीय रे ने संसदीय समिति के सामने सुनवाई में कहा कि अगर राष्ट्रपति उनसे कुछ भी ग़ैरक़ानूनी करने को कहते हैं तो वे पद छोड़ देंगे.
राष्ट्रपति ट्रंप ने 9 मई को जेम्स कोमी को एफ़बीआई के निदेशक पद से बर्खास्त कर दिया था. ट्रंप ने कोमी को 'रूसी' करार दिया था. इस कदम का वॉशिंगटन में काफ़ी विरोध भी हुआ था.
हालांकि, इसके बावजूद एफ़बीआई की जांच रुकी नहीं. 18 मई को जस्टिस डिपार्टमेंट ने पूर्व एफ़बीआई निदेशक रॉबर्ट मुलर को इस मामले की जांच के लिए विशेष वकील नियुक्त किया था.
इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को ट्वीट किया, "राजनीतिक इतिहास में ये निशाना बनाकर की जाने वाली सबसे बड़ी जाँच है. दुखद!"
'जाँच रुकेगी नहीं'
रे ने कहा, "जो कोई भी ये सोचता है कि एफ़बीआई निदेशक के रूप में मैं हाथ पीछे खीचूँगा, निश्चित तौर पर वे मुझे नहीं जानते."
उन्होंने कहा, "मैं कभी भी ऐसा नहीं होने दूंगा कि एफ़बीआई का काम तथ्यों, क़ानून और न्याय की हद से परे हटकर हो."
रे ने कहा कि वो मुलर की जाँच का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
संसदीय समिति ने रे से राष्ट्रपति ट्रंप के सबसे बड़े बेटे डोनल्ड ट्रंप जूनियर के ईमेल के बारे में भी पूछा, जिनमें रूसी वकील से मिलने की बात सामने आई थी.
इस पर रे ने कहा कि उन्हें इन ईमेल की कोई जानकारी नहीं है.
रे ने कहा, "मेरी वफ़ादारी संविधान, क़ानून और एफ़बीआई के मिशन प्रति है और किसी ने भी मुझे इस प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की वफ़ादारी निभाने की कसम नहीं दिलाई है."
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