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ट्रंप ने उ. कोरिया को चेतावनी दी, 'सब्र टूट चुका है'
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उत्तर कोरिया को लेकर सालों से चले आ रहा 'रणनीतिक सब्र' नाकाम रहा है और अब 'करारा जवाब' देने का समय आ गया है.
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस में ट्रंप ने कहा, "हम मिलकर एक बर्बर और ग़ैर ज़िम्मेदार शासन के ख़तरे का सामना कर रहे हैं."
ट्रंप ने उत्तर कोरिया से 'जल्दी सही रास्ते पर आने' का आह्वान भी किया.
वहीं दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने कहा है कि उत्तर कोरियाई नेताओं से वार्ता करते रहना ज़रूरी है.
दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने कहा है कि उनका देश अपनी सुरक्षा के लिए सुधार लागू करता रहेगा और अपनी रक्षात्मक क्षमता को बढ़ाता रहेगा.
उन्होंने कहा है कि मज़बूत सुरक्षा ही एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति ला सकती है.
दोनों राष्ट्रपतियों की बातचीत में उत्तर कोरिया का मुद्दा ही शीर्ष प्राथमिकता रहा.
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि "उत्तर कोरिया को लेकर सब्र ख़त्म हो रहा है."
ट्रंप ने कहा, "उत्तर कोरिया के ख़तरे से अपने और सहयोगी देशों के नागरिकों को बचाने के लिए अमरीका उत्तर कोरिया और जोपान के अलावा अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर राजनयिक, सुरक्षा और आर्थिक उपायों पर काम कर रहा है."
अमरीका ने उत्तर कोरिया के काले धन के वैध करने के आरोप में चीन के एक बैंक पर प्रतिबंध भी लगाए हैं जिसका चीन ने कड़ा जवाब दिया है.
चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका दोनों देशों के बीच सहयोग को नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए अपने 'ग़लत क़दम' रोके.
वहीं अमरीका का कहना है कि ये प्रतिबंध उत्तर कोरिया के हथियार कार्यक्रम को जा रहे धन को रोकने के लिए लगाए गए हैं.
एक चीनी जहाजरानी कंपनी और दो चीनी नागरिकों पर भी ये प्रतिबंध लगे हैं.
अमरीका के वित्त मंत्री स्टीवन मनूशिन ने कहा है, "हम पैसे का पीछा करेंगे और उसे उत्तर कोरिया जाने से रोकेंगे."
अमरीका उत्तर कोरिया पर कार्रवाई के लिए चीन पर दबाव बनाने की कोशिशें भी कर रहा है.