फिर साइबर हमले की चपेट में दुनिया, यूक्रेन में बैंक और कई कंपनियां ठप्प

साइबर हमला

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इमेज कैप्शन, कई ख़बरों के मुताबिक, प्रभावित कंप्यूटरों की स्क्रीन पर यह मैसेज आ रहा है

पूरी दुनिया में कई कंपनियों पर साइबर हमला हुआ है. ब्रिटिश विज्ञापन एजेंसी डब्ल्यूपीपी समेत दर्जनों कंपनियों इससे प्रभावित हुई हैं.

इसका सबसे बुरा असर यूक्रेन में देखने में आ रहा है. वहां सरकारी मंत्रालयों, बिजली कंपनियों और बैंक के कंप्यूटर सिस्टम में बड़ी ख़राबी सामने आ रही है.

यूक्रेन का सेंट्रल बैंक, सरकारी बिजली वितरक कंपनी यूक्रेनेर्गो, विमान निर्माता कंपनी एंतोनोव और दो डाक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.

राजधानी कीव की मेट्रो में पेमेंट कार्ड काम नहीं कर रहे हैं. कई पेट्रोल स्टेशनों को अपना काम-काज रोकना पड़ा है.

वायरस

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'मई जैसा हमला'

कई जानकार बता रहे हैं कि यह पिछले महीने 'वॉनाक्राई रैनसमवेयर' जैसा हमला हो सकता है.

उनका कहना है कि वायरस उन्हीं कमज़ोरियों का इस्तेमाल कर रहा है जो पिछले महीने वॉनाक्राई रैनसमवेयर ने इस्तेमाल की थीं.

सरे यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर वैज्ञानिक ऐलन वुडवर्ड ने कहा, 'यह पिछले साल सामने आए रैनसमवेयर के एक हिस्से का ही एक प्रकार हो सकता है.'

उन्होंने कहा, 'जब इसके कुछ पहलुओं पर काबू पा लिया गया तो इसी साल अपराधियों ने इसे अपडेट किया था. रैनसमवेयर का नाम पेट्या था और इसके अपडेटेड वर्ज़न को पेट्रवैप कहा गया.'

सुरक्षा कंपनी रिकॉर्डेड फ़्यूचर के प्रवक्ता आंद्रे बैरिसेविक ने बीबीसी को बताया कि यह मैलवेयर पिछले 12 महीनों में कई कंपनियां बेच रही थीं. उन्होंने कहा, 'इसकी कीमत 28 डॉलर यानी करीब 1800 रुपये में बिक रहा है. लेकिन इस बारे में पुख़्ता जानकारी नहीं है कि वह सबसे नया वर्ज़न इस्तेमाल कर रहे हैं या पुराना.'

ट्विटर

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मंत्रालय पर भी असर

रूसी तेल निर्माता कंपनी रॉसनेफ़्ट और डैनिश शिपिंग कंपनी मैयास्क ने भी तकनीकी अड़चनों की शिकायत की है.

कोपेनहेगन में मुख्यालय वाली कंपनी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि कई व्यापारिक इकाइयों पर मैयास्क का आईटी सिस्टम एक साइबर हमले की वजह से काम नहीं कर रहा है. हम हालात का आकलन कर रहे हैं और हमारे कर्मचारी, परिचालन और उपभोक्ताओं के व्यापार की रक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है.'

स्पेन की मीडिया ने ख़बर दी है कि कई मल्टीनेशनल कंपनियों जैसे मॉन्डेलेज़ और कानूनी कंपनी डीएलए पाइपर भी हमले की चपेट में हैं.

कंस्ट्रक्शन का सामान बनाने वाली फ़्रांसीसी कंपनी सेंट गोबेन ने भी ऐसी शिकायतें की हैं.

यूक्रेन के उप-प्रधानमंत्री ने एक तस्वीर ट्विटर पर डाली है, जिसमें स्क्रीन पर सिस्टम में ख़राबी की सूचना दिख रही है.

उन्होंने कैप्शन में लिखा है, "टा-डा! कैबिनेट मंत्री के सचिवालय में नेटवर्क डाउन है."

क्या है पेट्या या पेट्रवैप?

सरे यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ऐलन वुडवर्ड के मुताबिक, यह रैनसमवेयर 2016 की शुरुआत में सामने आया था. इसमें अपराधी न सिर्फ सारी फ़ाइलों को एनक्रिप्ट कर देते हैं, बल्कि वे ऑपरेटिंग सिस्टम के एक हिस्से पर हमला करते हैं, जिसे मास्टर फ़ाइल टेबल (एमएफ़टी) कहा जाता है.

एमएफ़टी सिस्टम के लिए यह जानने के लिए ज़रूरी है कि कंप्यूटर पर फ़ाइलें कहां खोजनी हैं. अगर इसमें अड़चन आ जाए तो इससे भी सारी फ़ाइलें लॉक हो जाती हैं.

जो बड़ा फ़र्क होता है कि एमएफटी पर हमला करने में सारी फाइलों को एक-एक करके लॉक करने के बजाय कम समय लगता है.

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