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तस्वीरों मेंः ट्रंप के पंजे से कैसे बचे मोदी
डोनल्ड ट्रंप के अमरीकी राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमरीका पहुंचे.
दोनों नेताओं के मुलाक़ात की स्टाइल बिल्कुल जुदा रही हैं. भारत के प्रधानमंत्री मोदी दूसरे देशों के नेताओं से गले मिलने के लिए चर्चित रहे हैं.
जबकि ट्रंप के बारे में मशहूर है कि वो हाथ मिलाते हुए 'पॉवर प्ले' यानी ज़ोर आज़माइश भी करते हैं.
ट्रंप सामने वाले को हाथ को पहले मजबूती से पकड़ते हैं और फिर उसे अपनी ओर ताक़त से खींचते हैं, इस विशेष शैली को 'यांकशेक' भी कहा जाता है.
बॉडी लैंगुएज एक्सपर्ट की राय में इसे 'राजनयिक शक्ति प्रदर्शन' के रूप में देखा जाता है.
सोमवार को जब दोनों नेताओं की मुलाक़त हुई तो सभी की नज़रें इसी पर थीं, कि दोनों नेता गले मिलते हैं या हाथ मिलाते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी की स्टाइल विश्व नेताओं के साथ क़रीबी प्रदर्शित करने से संबंधित होती है. जब वो मिलते हैं तो हाथ मिलाने के बाद तुरंत बाद गले मिलते हैं.
कई बार उनके साथ गले मिलने वालों के चेहरे पर झिझक भी दिखाई देती है.
संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस के अंत में जब ट्रंप ने मोदी की ओर हाथ बढ़ाया तो मोदी इसे नज़रअंदाज़ करते हुए सीधे उनके गले मिल गए.
शायद ट्रंप इसके लिए तैयार नहीं थे, इसीलिए कुछ पलों के लिए वे असमंजस में भी पड़े दिखाई दिए.
मोदी की आगवानी और फिर संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस को जाते हुए ट्रंप कई दफ़े मोदी की पीठ पर हाथ रखे नज़र आए.
सोशल मीडिया पर लोगों ने दोनों नेताओं के मुलाक़ात पर चुटकी भी ली.
कुछ लोगों ने मोदी की तारीफ़ करते हुए मोदी के गले मिलने को, ट्रंप के 'पंजे लड़ाने वाले हैंडशेक' की काट भी बताया.
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