'अंतरराष्ट्रीय आंतकवादियों' की सूची में सैयद सलाहुद्दीन

अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कश्मीरी चरमपंथी संगठन हिज़बुल मुजाहिदीन के नेता मोहम्मद यूसुफ़ शाह उर्फ़ सैयद सलाहुद्दीन का नाम अंतरराष्ट्रीय आंतकवादियों की सूची में शामिल किया है.

सोमवार को जारी एक विज्ञप्ति में अमरीकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सैयद सलाहुद्दीन को अमरीकी सुरक्षा और विदेश नीति के लिए ख़तरा माना गया है.

इसके साथ ही अब सैयद सलाहुद्दीन के साथ कोई अमरीकी नागरिक किसी तरह का वित्तीय लेन-देन नहीं कर पाएगा और अमरीका में सलाहुद्दीन की संपत्ति और हित भी बाधित होंगे.

अमरीकी विदेश मंत्रालय की तरफ़ से सैयद सलाहुद्दीन का नाम अंतरराष्ट्रीय आंतकवादियों की सूची में शामिल किए जाने की ये ख़बर ऐसे समय आई है जब भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमरीका का दौरा कर रहे हैं और राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाक़ात करने वाले हैं.

कौन है सलाहुद्दीन

भारत सरकार सैयद सलाहुद्दीन को कई आतंकवादी घटनाओं के लिए ज़िम्मेदार मानती है. भारत के मुताबिक़ सैयद सलाहुद्दीन पाकिस्तान में रहकर कश्मीर में अभियान चला रहे हैं.

सलाहुद्दीन भारत विरोधी बयानों के साथ ही जिहादी समूहों को कश्मीर में आकर कारर्वाई करने के लिए आमंत्रित करने के लिए चर्चा में आते रहे हैं.

भारत ने मई 2011 में पाकिस्तान को 50 मोस्ट वांटेड लोगों की सूची सौंपी थीं. इस सूची में सलाहुद्दीन का भी नाम है.

जनवरी 2016 में पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी यूनाइटेड जिहाद काउंसिल ने ली थी. जिसके प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन ही हैं.

यूनाइडेट जिहाद काउंसिल कोई चरमपंथी संगठन नहीं बल्कि पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सक्रिय दर्जन भर से ज़्यादा चरमपंथी संगठनों का गठबंधन है.

इसमें 12 से ज़्यादा चरपमंथी संगठन हैं. इन संगठनों में हिज़बुल मुजाहिदीन, अल-उमर मुजाहिदीन, तहरीक-उल मुजाहिदीन आदि शामिल हैं.

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