दस साल में 10 गर्भपात, पर उम्मीद क़ायम है

जेन बिकल और उनके पति एंड्र्यू को अब दुख नहीं होता. ये पति-पत्नी बीते सालों में 10 बार गर्भपात से होकर गुजर चुके हैं.

कार्डिफ़ की रहने वाली 39 वर्षीय जेन बिकल को कई आईवीएफ़ (कृत्रिम गर्भाधान) और सर्जरी का सामना करना पड़ा.

लेकिन अब भी उन्हें इसका कारण नहीं पता चल पाया. उनकी शादी को 10 साल हो चुके हैं और उससे भी दस साल पहले दोनों मिले थे.

उन्हें लगता है कि बच्चा पैदा करने के लिए शायद उन्हें देर हो गई.

शादी के छह महीने बाद ही उनका पहला गर्भपात हुआ. अस्पताल में उन्हें बताया गया कि ये 'बैड लक' था.

लेकिन चूंकि ये पहली प्रेगनेंसी थी, इसने दोनों को काफी धक्का पहुंचाया. उनकी दोस्त मां बन रही थी.

दूसरी बार यह मौका 18 महीने बाद आया, लेकिन प्रेगनेंसी के तीन महीने बाद ही 'ब्लीडिंग' शुरू हो गई.

आईवीएफ़ कितना भरोसेमंद

चेकअप के बाद पता चला कि छह से सात हफ्ते बाद ही भ्रूण का विकास बंद हो गया और उसमें धड़कन का कोई निशान नहीं था.

वो बताती हैं, "हम काफ़ी निराश हो गए थे. कई परीक्षण किए गए और फिर आईवीएफ़ की सलाह दी गई."

आईवीएफ़ की तकनीक बहुत जटिल और खर्चीली होती है. इसमें बहुत सारी दवाईयों और इंजेक्शन से होकर गुजरना पड़ता है.

जब सारे टेस्ट पॉजिटिव आ जाते हैं तो आपको स्कैन के लिए इंतज़ार करना पड़ता है. लेकिन इसके हर चरण में ख़तरा बना रहता है.

वो पहले महिला के 'एग' को लेते हैं. लेकिन वो परिपक्व हैं इसकी पुष्टि करनी होती है. इसके बाद शुक्राणु के साथ उनको मिलाया जाता है और फिर भ्रूण बनने का इंतज़ार किया जाता है.

इसके बाद दो हफ्ते का समय ये देखने में लग जाता है कि प्रेगनेंसी हो पाई या नहीं.

जेनी कहती हैं, "और यही दो हफ़्ते सबसे बुरा अनुभव होता है."

उन्होंने दो आईवीएफ़ प्रक्रिया कराई, जिनमें एक असफल रहा और दूसरे का छह-सात सप्ताह में ही गर्भपात हो गया.

कमरतोड़ खर्च

हर बार उन्हें अपनी बचत का एक एक पाई खर्च कर देना पड़ा. उन्हें उधार भी लेना पड़ा. जब दूसरी बार ईवीएफ़ की प्रक्रिया अपनाई जानी थी तो अस्पताल ने अपनी फ़ीस माफ़ करने ऑफ़र दिया. हमें केवल दवाओं का खर्च वहन करना था लेकिन वो भी काफ़ी महंगा सौदा था.

एक आईवीएफ़ में 5,000 से 6,000 पाउंड यानी चार से पांच लाख रुपए खर्च आता है.

वो बताती हैं, "दूसरे बार जब आईवीएफ़ हुआ तो तीन भ्रूण में से दो का ट्रांसफ़र हो पाया. लेकिन सारे पॉज़िटिव नतीज़े आने के बाद भी अगर गर्भपात हो जाता है तो पॉज़िटिव का क्या मतलब हुआ."

उन्हें हर बार ऑपरेशन से होकर गुज़रना पड़ा.

एक बार तो वो केवल डॉक्टर से मिलने गईं और कुछ ही देर में उनसे ऑपरेशन थियेटर में चलने को कहा गया.

भ्रूण का अंतिम संस्कार

जेनी बताती हैं, "मेरे मामले में फ़ैलोपियन ट्यूब फट गई थी. उसे निकाला जाना था. ये हर उस व्यक्ति के लिए असहनीय था, जो अभी भी बच्चा चाहता है.

इसी तरह के एक गर्भपात के बाद उन्हें अस्पताल से फ़ोन आया कि क्या उन्होंने अंतिम संस्कार के लिए इंतज़ाम किया है?

वो हैरान रह गईं, क्योंकि उन्हें बताया गया कि सर्जरी से पहले उन्होंने अंतिम संस्कार वाले कॉलम पर सही का निशान लगा दिया था.

अपने आठ सप्ताह के भ्रूण का अंतिम संस्कार करना थोड़ा अजीब था, लेकिन उन्होंने इसका इंतज़ाम किया.

ये पूरी प्रक्रिया 10 मिनट की थी लेकिन जेन कहती हैं, "पहले तो ये सब बहुत अजीब लगा लेकिन इसने हमें काफी साहस दिया. मैं और मेरे पति वहां गए. वो बहुत प्यारा था. इसने वाकई ये महसूस कराया कि हमने अपना बच्चा खोया है."

जेन को उम्मीद है कि वो अभी भी कामयाब हो सकती हैं. उनके तीन भ्रूण रखे हुए हैं. वो अब और ईवीएफ़ कराने का खर्च नहीं उठा सकतीं.

लेकिन वो कहती हैं, "ये तीन भ्रूण हमारी आखिरी उम्मीद हैं. हम बच्चा गोद लेने के विकल्प पर भी सोच सकते हैं, लेकिन अभी उसके बारे में सोचना कठिन है. मुझे अपनी उम्मीद बनाए रखनी होगी."

हालांकि जेन की उम्र, उनकी उम्मीदों को पार करती जा रही है, फिर भी 10 गर्भपात के बाद भी वो हिम्मत नहीं हारी हैं.

उनका कहना है, "लगातार नई तकनीक आ रही है और हमें उम्मीद है कि हमें सही रास्ता मिल जाएगा और हम क़ामयाब होंगे."

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