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'क़तर को शांति चाहिए तो 10 दिन में बंद करे अलजज़ीरा'
क़तर राजनयिक संकट में मध्यस्थता कर रहे खाड़ी देश कुवैत ने क़तर को अरब देशों के साथ समझौते के लिए अपनी मांगें सौंप दी हैं.
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक क़तर को 13 मांगों की सूची दी गई है.
सऊदी अरब, मिस्र, सयुंक्त अरब अमीरात और बहरीन ने इन मांगों में न्यूज़ चैनल अल-जज़ीरा को बंद करने को कहा है.
इन देशों ने क़तर से ईरान के साथ संबंध ख़त्म करने के साथ ही तुर्की सैन्य बेस को 10 दिनों के अंदर बंद करने को भी कहा है.
क़तर के सामने रखी गईं प्रमुख मांगें-
- क़तर मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ सभी तरह के संबंध तोड़ें जो कि अरब देशों में प्रतिबंधित है
- अल-जज़ीरा, अरबी21 और मिडिल ईस्ट आई न्यूज़ चैनलों को आर्थिक मदद देना बंद करे
- मुआवजे के रूप में एक मात्रा में धनराशि दे
- सऊदी अरब और अन्य देशों में विपक्षी पार्टियों को दी गई आर्थिक मदद से जुड़ी विस्तृत जानकारी दे
- अमरीकी प्रशासन के बताए चरमपंथी संगठनों को आर्थिक मदद देना बंद करे
- इन चार देशों द्वारा चरमपंथ के मामले में लंबित उन सभी व्यक्तियों को सौंपे
- चार देशों के उन नागरिकों को बेअसर करने से इनकार करे और क़तर में मौजूद ऐसे लोगों को बाहर निकाले
- गल्फ़ को-ऑपरेशन काउंसिल के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सभी अन्य तरीकों के साथ क़तर खुद को जोड़े
बीते दिनों में कुवैत और ओमान जैसे कुछ अरब देशों को छोड़कर ज्यादातर अरब देशों ने क़तर के साथ अपने राजनीतिक संबंध ख़त्म कर लिए हैं और अपने हवाई क्षेत्रों को कुवैत के लिए बंद कर दिया है.
इसके साथ ही जमीनी सीमा को भी बंद कर दिया गया है
लेकिन क़तर पहले ही कर चुका है इनकार
क़तर ने चरमपंथ और क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने के आरोपों का खंडन किया है. क़तर की ओर से इन मांगों पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
लेकिन क़तर के विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी पहले ही कह चुके हैं कि क़तर प्रतिबंधों के हटाए जाने तक बातचीत नहीं करेगा.
अमरीकी प्रशासन में बैचेनी का माहौल
अमरीकी विदेश मंत्री रैक्स टिलरसन ने हाल ही में अपील की थी जिसमें उन्होंने क़तर के पड़ोसी देशों से शांति के लिए जरूरी मांगों को तार्किक रखने की बात कही थी.
संवाददाताओं के मुताबिक, अमरीकी प्रशासन में सऊदी अरब समेत अन्य देशों की इन मांगों को समयसीमा के अंदर मनवाकर इस राजनयिक संकट को खत्म कराने के लिए बैचेनी का माहौल है.
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