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इराक़ ने शुरू की मोसुल को वापस हासिल करने की कोशिशें
इराक़ की सेना ने कथित चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के कब्ज़े वाले पुराने मोसुल शहर को वापस हासिल करने के लिए चरमपंथियों पर धावा बोल दिया है.
पुराना मोसुल शहर इस चरमपंथी संगठन के कब्ज़े वाला आख़िरी शहर है.
सयुंक्त राष्ट्र संघ के मुताबिक़, घनी आबादी वाले पुराने मोसुल शहर में तक़रीबन एक लाख लोगों के फंसे होने की आशंका है.
उन्हें मौका मिलने पर शहर छोड़ने को कहा गया है.
इस्लामिक स्टेट से जुड़े मीडिया संगठनों के मुताबिक़, चरमपंथियों ने इराक़ी सेना की कोशिशों पर पानी फेर दिया है और सुबह के वक़्त पुलिस पोस्ट पर हमले किए हैं.
वहीं, इराक़ी सुरक्षाबलों ने बीबीसी को बताया है कि उन्हें पुराने मोसुल में छिपे चरमपंथियों की संख्या के बारे में जानकारी नहीं है.
सयुंक्त राष्ट्र संघ के मुताबिक, मोसुल के पश्चिमी हिस्से में बीते दो हफ़्तों में 230 नागरिक मारे जा चुके हैं.
इनमें से कुछ लोग हवाई हमलों और कुछ बचकर भागते समय इस्लामिक स्टेट के स्नाइपर्स का शिकार हुए हैं.
हाल ही में इस इलाके से भागने में सफल हुए लोगों के मुताबिक पुराने मोसुल में हालात बेहद खराब हैं और सैकड़ों खाने और पानी की कमी से जूझ रहे हैं.
अंत की शुरुआत - बीबीसी मध्य-पूर्व प्रोड्यूसर जोआन सोली
इराक़ी सुरक्षा बलों ने धीरे-धीरे मोसुल शहर के चारों ओर घेरा डालना शुरू कर दिया है. अब पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं है.
हालांकि, इराक़ और गठबंधन सेनाओं से जुड़े सूत्र बता चुके हैं कि पुराने मोसुल के साथ बहने वाली नदी की तरफ़ भारी मात्रा में लोग हैं.
ऐसे में इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीचों-बीच इतने लोगों यानी चरमपंथियों, सुरक्षाबल और आम नागरिकों की मौजूदगी बताती है कि इस जंग के अंत में भारी नुकसान होगा.
इराक़ी सरकार के लिए पुराने मोसुल शहर को एक बार फिर हासिल करना एक जंग जीतने जैसा है.
तीन साल पहले इसी शहर में स्थित नूरी मस्ज़िद से आईएस प्रमुख अबु-बक़र-अल-बग़दादी की सबसे ताकतवर तस्वीर सामने आई थी.
अब इराक़ इस तस्वीर को नूरी मस्ज़िद पर इराक़ी कब्जे की तस्वीर से बदलना चाहता है.
अब चाहे मस्ज़िद पर उसी जगह खड़े होकर इराक़ी झंडे लहराए जाएं या इराक़ी सैनिक सेल्फी लेते दिखें या मस्ज़िद को जमींदोज़ कर दिया जाए - लेकिन सुरक्षाबल ऐसा करना चाहते हैं.
हालांकि, ये जंग अभी जारी रहेगी. मोसुल और सीरियाई सीमा तक के क्षेत्र को सुरक्षित किया जाना है.
बगदाद और मोसुल के बीच हाविजा कस्बा अभी भी इस्लामिक स्टेट के कब्ज़े में है.
पश्चिमी मोसुल से भागना - नफीश कोहनवार्ड. बीबीसी फ़ारसी सेवा
हम एक ऐसे परिवार के संपर्क में थे जिनके घर के ठीक बगल में एक आईएस का स्नाइपर तैनात था. इस घर में तीन परिवार फंसे थे जिनमें एक नौ महीने की गर्भवती महिला और बूढ़े लोग शामिल थे.
उन लोगों को डर लग रहा था कि कहीं उनके घर पर बम न गिरा दिया जाए. एक नज़दीकी घर भी तबाह हो चुका था.
हमनें इस घर के पते को अमरीकी नेतृत्व वाली सेनाओं को दिया.
उन्होंने इस पते को नक़्शे पर देखकर बम न गिराने के लिए चिह्नित कर दिया. इसके बाद इन लोगों को बचाने के लिए एक योजना भी बनाई गई.
उस रात उन लोगों ने बताया कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी.
लेकिन उन्होंने उनके घर के पास हुए एक धमाके से उठे धुएं और धूल की आड़ लेकर आईएस के स्नाइपर को चकमा दे दिया.
अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना बीते नौ महीनों से इराक़ के दूसरे शहर मोसुल को आईएस से हासिल करने की कोशिश कर रही है.
इराक़ी सेना इस शहर के पूर्वी हिस्से को बीते अक्टूबर महीने में ही जीत चुकी है.
इस गठबंधन सेना में इराक़ी सुरक्षा बल, कुर्दिश पेशमर्गा लड़ाके, सुन्नी अरब आदिवासी, शिया लड़ाके, अमरीकी लड़ाकू विमान और सलाहकार शामिल हैं.
कथित चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने साल 2014 में मोसुल पर कब्ज़ा करने के बाद अपने कब्ज़े वाले क्षेत्र को ख़लीफ़ा का क्षेत्र घोषित कर दिया था.
इसके बाद से ये हिस्सा इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण में है.
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