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अमरीकी पिता का दावा, उत्तर कोरिया ने बेटे पर किए जुल्म
उत्तर कोरिया ने हाल ही में एक अमरीकी छात्र आटो वांबियर को कोमा की स्थिति में रिहा किया है.
उत्तर कोरिया सरकार ने 22 वर्षीय छात्र की हालत के लिए बोट्युलिज़्म और एक नींद की गोली को जिम्मेदार ठहराया है.
लेकिन इस छात्र के पिता फ्रेड वांबियर ने इस बात को न मानते हुए कहा है कि उनके बेटे के साथ जुल्म किए गए हैं.
अस्पताल ने कहा - छात्र को गंभीर दिमागी चोटें
वांबियर के साथ ही अमरीकी प्रांत ओहियो के एक अस्पताल ने कहा है कि ओट्टो को गंभीर दिमागी चोटें आई हैं और अब वह सामान्य स्थिति में हैं.
गुरुवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान वांबियर ने कहा, "15 महीनों तक हमें अपने बेटे या उससे जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिली, अभी सिर्फ एक हफ्ते पहले उत्तर कोरिया की सरकार दावा करती है कि वह इस पूरे वक़्त कोमा में था.
नहीं मंज़ूर उत्तर कोरिया की सफाई
फ्रेड कहते हैं, "हम बोट्युलिज़्म और नींद की गोली की वजह से कोमा की बात नहीं मानते हैं, लेकिन अगर आप मान भी लेतें हैं तो एक सभ्य देश ऐसी जानकारी नहीं देने और पीड़ित को बेहतर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के लिए कोई बहाना नहीं बना सकता."
वर्जिनिया विश्वविद्यालय के 21 वर्षीय वांबियर को जनवरी में उत्तर कोरिया का दौरा करते समय एक होटल से प्रचार चिन्ह की चोरी करने की कोशिश के लिए गिरफ्तार किया गया था.
बाद में सरकारी टीवी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक चर्च समूह ने उनसे यात्रा की निशानी लाने को कहा था. उन्होंने कहा कि यह मेरी ज़िंदगी की बड़ी भूल थी.
ओबामा प्रशासन पर निशाना
फ्रेड ने ओबामा प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा, "जब आटो को कैद किया गया था तो पिछले प्रशासन ने उनसे इस मामले को खबरों से दूर रखने को कहा था, हमने ऐसा ही किया लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला, इसके बाद हमने इस साल फैसला किया कि शांत रहने का समय ख़त्म हो गया है."
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