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कज़ाकस्तान में मोदी, जिनपिंग और 'दंगल'
"मैंने 'दंगल' देखी है और इसे बहुत पसंद किया."
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कज़ाकस्तान की राजधानी अस्ताना में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले तो तमाम दूसरी बातों के साथ उन्होंने ये जानकारी भी साझा की.
अस्ताना में शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) की बैठक के दौरान दोनों नेताओं की मुलाक़ात हुई.
चीन की अगुवाई वाले इस संगठन में भारत बरसों तक ऑब्जर्वर की भूमिका निभा चुका है. इस बार उसे पूर्ण सदस्य का दर्ज़ा दिया गया है.
इसके पहले चीन के आमंत्रण के बाद भी भारत ने बीते महीने बीजिंग में 'वन बेल्ट, वन रोड इनिशिएटिव' (ओबीओआर) की बैठक में हिस्सा नहीं लिया था.
ओबीओआर के जरिए चीन एशिया, यूरोप और अफ्रीका के 65 देशों को जोड़ने के इरादे में है.
भारत के बैठक में हिस्सा नहीं लेने की चर्चा चीन की मीडिया में प्रमुख रूप से हुई थी.
राजनीतिक विश्लेषकों की राय में चीन की नीतियां भारत के मुक़ाबले पाकिस्तान के हितों का ज्यादा ध्यान रखने वाली हैं.
न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत की दावेदारी के विरोध और चरमपंथी संगठन जैश-ए- मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद अज़हर के ख़िलाफ प्रतिबंध के भारत के प्रस्ताव को चीन की ओर से वीटो किए जाने जैसे कदमों को इसी से जोड़कर देखा जाता है.
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को भी भारत और चीन संबंधों में तल्खी के तौर पर देखा जाता है.
ऐसे में कज़ाकस्तान में मोदी और शिनपिंग की मुलाक़ात पर पूरी दुनिया की नज़र थी.
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार और लंदन के किंग्स कॉलेज के प्रोफेसर हर्ष पंत ने एससीओ की बैठक के पहले आशंका जाहिर की थी कि वहां भारत खुद को अलग-थलग महसूस कर सकता है.
लेकिन, जिनपिंग का रुख उम्मीदों से अलग था.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक चीन के राष्ट्रपति ने भारतीय प्रधानमंत्री से मुलाक़ात के दौरान जिनपिंग ने आमिर ख़ान की फ़िल्म दंगल की तारीफ की.
जिनपिंग ने कहा, "मैंने बॉलीवुड की फ़िल्म दंगल देखी और इसे पसंद किया."
हाल में चीन में रिलीज़ हुई 'दंगल' वहां सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली भारतीय फ़िल्म का दर्ज़ा हासिल कर चुकी है.
बॉलीवुड ट्रेड पर नज़र रखने वाले तरण आदर्श के मुताबिक सात जून तक 'दंगल' चीन में 1115.91 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है.
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जिनपिंग से मुलाक़ात की तस्वीर ट्विटर पर साझा की है.
मोदी ने ट्विटर पर लिखा है, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाक़ात की. हमारे बीच भारत-चीन संबंधों और रिश्तों को बेहतर करने को लेकर चर्चा हुई."
मोदी ने अस्ताना में दिए अपने भाषण में एससीओ की अहमियत का जिक्र करते हुए कहा, "सदस्यता के विस्तार के बाद एससीओ विश्व की लगभग 42 फीसदी जनसंख्या, 20 फीसदी जीडीपी और 22 फीसदी भूभाग का प्रतिनिधित्व करेगी "
चीन की राजधानी बीजिंग में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार सैबल दासगुप्ता ने बीबीसी हिंदी संवाददाता हरिता कांडपाल से बातचीत में भारत के एससीओ में शामिल होने की अहमियत पर कहा कि भारत को दुनिया से ताल-मेल रखना ज़रूरी है.
वो कहते हैं, "भारत के लिए आज अमरीकी उतना विश्वासपात्र नहीं रहा, जितना पहले था."
सैबल दासगुप्ता ने मोदी को जिनपिंग की मुलाकात को अहम बताते हुए कहा कि अगर तापमान (तनाव) कम करना है तो आपस में मिलना ज़रूरी है.
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