चीन: कैसे लगेगी परीक्षा में नकलचियों पर लगाम

इस हफ्ते चीन में बड़ी तादाद में स्कूली बच्चे परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं. चीन में इस परीक्षा को 'गाओकाओ' कहा जाता है.

दो दिनों में पूरी होने वाली 'गाओकाओ' परीक्षा के लिए बच्चों को नौ घंटे की मोहलत पास रहती है.

परीक्षा की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके नतीजे के आधार पर ही चीन के कॉलेजों में बच्चों को दाखिला मिलता है.

इसी इत्मेहान से चीनी बच्चों के करियर की पूरी दशा और दिशा तय होती है. ये तय है कि बड़ी तादाद में बच्चे ये परीक्षा नहीं पास कर पाएंगी.

यही कारण है कि यहां परीक्षा में नकल का चलन देखा जाता है. परीक्षा में नकल की रोकथाम के लिए सुरक्षा इंतज़ाम भी पुख्ता रखे गए हैं.

मेटल डिटेक्टर, ड्रोन से लेकर बायोमेट्रिक पहचान का इंतजाम. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि नकल की आशंका किस स्तर तक रहती होगी.

इसके बावजूद भी नकलची बच्चों और परीक्षकों के बीच आंख-मिचौली का खेल जारी है.

ग्वांग्जो में अधिकारी चेहरे की पहचान करने वाले मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि कोई और छात्र किसी दूसरे छात्र के बदले परीक्षा में शामिल न हो जाए.

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