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ऑस्ट्रेलिया में अडानी के विवादास्पद प्रोजेक्ट को हरी झंडी
ऑस्ट्रेलिया में अडानी की विवादास्पद कोल माइंस प्रोजेक्ट को मंज़ूरी मिल गई है.
कंपनी के चेयरमैन गौतम अडानी ने बताया, "ये फैसला क्वींसलैंड में 12.3 अरब डॉलर की हमारी कोयला खदान परियोजना की आधिकारिक शुरुआत है."
उन्होंने बताया कि खदान परियोजना के शुरुआती काम इस साल के आखिर में शुरू हो जाने की संभावना है.
ऑस्ट्रेलियाई सरकार का कहना है कि इस परियोजना से निवेश बढ़ेगा लेकिन प्रोजेक्ट के आलोचकों का दावा है कि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा.
गौतम अडानी ने ये एक बयान में कहा, "हमें एक्टिविस्ट लोगों ने कोर्ट में, शहरों की सड़कों पर और यहां तक कि बैंक के बाहर चुनौती दी. हम अब भी आंदोलनकारियों की चुनौती का सामना कर रहे हैं. लेकिन हम इस परियोजना को लेकर प्रतिबद्ध हैं."
सरकारी मंजूरी
अडानी का ये कोल प्रोजेक्ट 250 वर्ग किलोमीटर में फैला है. कंपनी ने इस वित्तीय मंजूरी को परियोजना के लिए 'हरी झंडी' बतलाया है.
पिछले हफ्ते अडानी और क्वींसलैंड की राज्य सरकार के बीच एक समझौता हुआ था. इस समझौते के बाद ही मंगलवार को कंपनी के पक्ष में फैसले आया.
क्वींसलैंड के प्रीमियर अन्नासटासिया पलासजुक ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इस परियोजना से नौकरी के अवसर बढ़ेंगे.
केंद्रीय संसाधन मंत्री मैट कनावन का कहना था कि अदालती कार्रवाई और सरकारी मंजूरी के कारण इस परियोजना में देरी हुई. उन्होंने कहा, "यह किसी भारतीय कंपनी का ऑस्ट्रेलिया में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है."
दूसरी तरफ परियोजना के आलोचका का दावा है कि इससे ग्लोबल वार्मिंग का खतरा बढ़ेगा और ग्रेट बैरियर रीफ को नुकसान पहुंच सकता है.
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