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ब्रिटेन चुनाव: लंदन में घर का सपना कौन करेगा पूरा?
- Author, सैम फ्रांसिस
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
ब्रिटेन में हाउस ऑफ कॉमन्स की 650 सीटों के लिए 8 जून को चुनाव होना है. इस चुनाव में लंदनवासियों की सबसे बड़ी समस्या भी एक अहम मुद्दा हो सकता है.
लंदन के ऑफ़िस फॉर नेशनल स्टेटिक्स (ओएनएस) के मुताबिक 2015 में लंदन में औसत मकान की क़ीमत 4.72 लाख पाउंड (करीब चार करोड़ रुपये) हुआ करती थी, यह लंदनवासी की औसत सालाना आमदनी से 13.5 गुना बड़ी रकम है.
लंदन में बैंकों से मिलने वाले होम लोन के प्रावधानों के मुताबिक यह आपकी सालाना सेलरी का अधिकतम 4.5 गुना हो सकता है.
2005 से 2016 के बीच लंदन में औसत किराया 38 फ़ीसदी बढ़ा है, जबकि मेयर ऑफ़ लंदन की एक रिपोर्ट के मुताबिक औसत आमदनी में केवल 21 फ़ीसदी बढ़ोत्तरी हुई है.
ऐसे में बीबीसी ने चुनाव से पहले विभिन्न पार्टियों की घर संबंधी नीतियों को आकलन किया है.
मार्केटिंग मैनेजर हायले मिलर लंदन इसलिए आईं क्योंकि यहां किसी और जगह की तुलना में नौकरी के बेहतर अवसर मौजूद हैं.
ब्रिटेन की सालाना औसत आमदनी से ज़्यादा कमाई करने के बावजूद मिलर का मानना है कि वे लंदन में घर ख़रीदने के बारे में सोच भी नहीं सकतीं.
उन्होंने बताया, "राष्ट्रीय आमदनी से ज़्यादा कमाने का एहसास लंदन में रहने वाले को तो नहीं होता. हम यहां काम कर सकते हैं, लेकिन जीवन भर रहने के बारे में नहीं सोच सकते."
तीनों मुख्य पार्टियों के इस विषय से संबंधित वादों पर नज़र डालते हैं-
कंजरवेटिव पार्टी
- घर की क़ीमतों पर अंकुश लगाने के लिए 2022 तक 15 लाख नए घरों का निर्माण
- अनिवार्य ख़रीद के आदेश (सीपीओ) में सुधार, ताकि काउंसिल को घर बनाने के लिए ज़मीन मिल सके
लेबर पार्टी
- डिपार्टमेंट ऑफ़ हाउसिंग का गठन कर, दस लाख नए घरों का निर्माण
- 2016 में ख़त्म हुई हेल्प टू बाय स्कीम को 2027 तक जारी रखने की गारंटी
लिबरल डेमोक्रेट्स
- कार्यकाल की समाप्ति तक हर साल तीन लाख नए घरों का निर्माण, काउंसिल और स्थानीय हाउसिंग एसोसिएशन को ज़्यादा ख़रीद का आदेश
- पांच अरब पाउंड के फंड के साथ ब्रिटिश हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बैंक की शुरुआत
- ज़मीन पर कब्ज़ा करने वाले लोगों को सजा देने के लिए काउंसिल को अधिकार
हाउसिंग कैंपेनर रॉबर्ट अपने टेक होम सेलरी का करीब 47 फ़ीसदी हिस्सा रेंट के तौर पर दे देते हैं, इसके चलते उनके सामने हमेशा पैसे का संकट बना रहता है.
वे कहते हैं, जब किराया बढ़ाने का वक्त होता है तो दबाव और भी बढ़ जाता है.
बीते दो सालों में लंदन में मकानों का किराया 23 फ़ीसदी बढ़ गया है. रॉबर्ट कहते हैं, "मेरी हैसियत और उम्र वाले लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि वे कब तक बढ़े हुए किराए को झेल पाएंगे."
जोसेफ़ राउंट्री फाउंडेशन के आकलन के मुताबिक लंदन में करीब 58 फ़ीसदी लोग किराए के घरों में रहते हैं, यानी मोटे तौर पर करीब 10 लाख परिवार. ये सब अपनी आमदनी का कम से कम एक तिहाई हिस्सा किराया चुकाने में ख़र्च करते हैं.
कंजरवेटिव पार्टी
- मकान मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे अच्छे किराएदारों को लंबे समय तक मकान किराए पर दें
लेबर पार्टी
- मकान को तीन साल तक किराए पर देने का प्रावधान
- महंगाई की दर जितना ही किराए में बढ़ोत्तरी का प्रावधान
लिबरल डेमोक्रेट्स
- किराए पर रहने वालों को लंबे समय तक मकान मिले, साल में महंगाई दर से ही किराया बढ़े
- तीस साल से कम उम्र के लोग जो पहली बार किराएदार बन रहे हों, उनकी मदद के लिए हेल्प टू रेंट स्कीम की शुरुआत
- किराएदारों से किराए पर मकान दिलाने के नाम पर लिए जाने वाले शुल्क पर पाबंदी
चुनाव मैदान में हिस्सा ले रहे तीनों प्रमुख दलों ने ये वादा किया है कि वे देश में मकानों की उपलब्धता को बेहतर बनाएंगे ताकि किराए पर अंकुश लग सके.
ट्रेसी स्ट्रासबर्ग दक्षिण-पूर्व लंदन में रहने वाली महिला हैं, उनके दो बच्चे हैं. उन्होंने बीबीसी को बताया कि अब तो लंदन से बाहर होने का ख़तरा है.
ट्रेसी योगा टीचर हैं, और उन्हें 950 पाउंड प्रतिमाह का हाउसिंग बेनिफ़िट भी मिलती है, लेकिन वे दो बेडरूम वाले फ़्लैट के लिए 1400 पाउंड प्रतिमाह का किराया मुश्किल से जुटा पाती हैं.
वह अपनी मां से 450 पाउंड की मदद लेती हैं और उनके क्रेडिट कार्ड पर कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है.
ट्रेसी का बड़ा बेटा करीब आठ साल का है और अब तक छह अलग अलग पतों पर रहने का उसका अनुभव हो चुका है.
ट्रेसी ये भी बताती हैं कि जब भी वह मकान बदलती हैं, नया मकान पहले की तुलना में छोटा होता है और उसका किराया बढ़ा हुआ होता है.
इस समस्या को देखते हुए चुनाव मैदान में मौजूद तीनों पार्टियों ने देश में काउंसिल और स्थानीय हाउसिंग एसोसिएशन स्टाक को बढाने का वादा किया है ताकि लोगों को ज़रूरत के मुताबिक किराए पर सस्ता मकान मिल सके.
कंजरवेटिव पार्टी
- महत्वाकांक्षी और प्रो-डेवलपमेंट वाली काउंसिल को फंड मुहैया कराना ताकि वे काउंसिल हाउसिंग स्टॉक बना सकें
- हाउसिंग एसोसिएशनों को मकान बढाने के लिए ज़्यादा लचीला रूख अपनाना
लेबर पार्टी
- ब्रिटेन में एक लाख नए काउंसिल घर और हाउसिंग एसोसिएशन वाले घर का निर्माण
- किराए की दर महंगाई की दर पर आधारित हो
लिबरल डेमोक्रेट्स
- पांच लाख सस्ते घरों का निर्माण
- स्थानीय स्तर पर हाउसिंग एलाउंस को बढ़ाना- इलाके की औसत रेंट के मुताबिक लोगों को बेनिफ़िट मुहैया कराना
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