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अमरीका ने क्यों दी है चीन को नई चेतावनी?
अमरीका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने अपने एशियाई सहयोगियों को फिर से भरोसा दिलाया है कि अमरीका दक्षिण चीन सागर में चीन के कृत्रिम टापुओं के बनाए जाने का विरोध करता रहेगा.
सिंगापुर में एक सुरक्षा कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि चीन इस इलाके का सैन्यीकरण कर रहा है जो इलाके में अस्थिरता पैदा कर रहा है.
रक्षा मंत्री के इस बयान के बावजूद कुछ लोगों को लगता है कि दक्षिण चीन सागर मामले में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अधिक छूट दे रहे हैं क्योंकि वो उत्तर कोरिया से निपटने के लिए चीन से मदद की उम्मीद रखते हैं.
मैटिस के बयान पर फ़िलहाल चीन से प्रतिक्रिया नहीं मिली है.
इससे ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ लगाए प्रतिबंधों का विस्तार किया था. उत्तर कोरिया ने हाल में कई बार मिसाइल टेस्ट किए थे जिसके जवाब में ये कदम उठाया गया.
इससे पहले दक्षिण चीन सागर में चीन से बनाए गए कृत्रिम द्वीप के पास एक अमरीकी युद्धपोत पहुंचा था.
चीन ने इस पर कड़ीआपत्ति जताई थी और कहा था कि उसके जलक्षेत्र में बिना अनुमति अमरीकी युद्धपोत आ गया था और उसकी नौसेना ने तत्काल वहां से जाने की चेतावनी दी थी.
बीते साल दक्षिण चीन सागर विवाद के मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत के फ़ैसले का विरोध करते हुए चीन ने अदालती कार्रवाई को 'ढोंग' बताया था.
कोर्ट के अनुसार चीन ने फ़िलीपींस के मछली मारने के अधिकार में दखल दिया था.
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