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IVF डॉक्टर पर 'अपने ही' शुक्राणु के इस्तेमाल का आरोप
नीदरलैंड्स में अदालत ने एक फ़र्टिलिटी क्लिनिक चलाने वाले एक दिवंगत डॉक्टर से जुड़ी चीज़ों का डीएनए टेस्ट कराने की मंज़ूरी दे दी है.
डॉक्टर जैन कारबॉट के क्लिनिक की सेवाएं लेने वाले परिवारों का आरोप है कि इस डॉक्टर ने कई मामलों में अपने ही स्पर्म का इस्तेमाल किया.
शक़ है कि डॉक्टर कारबॉट 60 से अधिक बच्चों के पिता हो सकते हैं. इनका जन्म 1980 के दशक में हुआ था.
डॉक्टर कारबॉट का अप्रैल में 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया था. अब उनके घर से मिली चीज़ों का डीएनए टेस्ट किया जाएगा.
उनके परिवार के एक अधिवक्ता का कहना है कि उन पर लगे आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं हैं.
डॉक्टर कारबॉट ख़ुद को फ़र्टिलिटी (गर्भाधान) के क्षेत्र का दिग्गज़ कहते थे.
उनके क्लिनिक को 2009 में दस्तावेज़ों में धोखाधड़ी करने के आरोपों के बाद बंद कर दिया गया था.
उन पर एक व्यक्ति के अधिकतम 6 बच्चों के लिए स्पर्म दान करने की सीमा का उल्लंघन करने के आरोप भी लगे थे.
पिछले महीने अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान 22 परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता ने कहा था कि उनके एक मुवक्किल के बच्चे की आंखें भूरी थीं जबकि उन्हें बताया गया था कि स्पर्म दान करने वाले व्यक्ति की आंखें नीली हैं जबकि एक अन्य बच्चे की शक्ल डॉक्टर कारबॉट जैसी है.
डॉक्टर कारबॉट के डीएनए प्रोफ़ाइल की जानकारी तब तक सील रहेगी जब तक उनके अदालत गए बच्चों के पिता होने की वजहें साबित न हो जाएं.
जोए को लगता है कि कारबॉट ही उनके पिता हैं. उन्होंने बीबीसी से कहा, "मेरे लिए इसके बहुत मायने हैं. हमें जवाब मिलने ही चाहिए."
ज़िंदा रहते हुए डॉक्टर कारबॉट डीएनए टेस्ट का विरोध करते रहे थे. अब उनका परिवार डीएनए टेस्ट का विरोध कर रहा है.
एएफ़पी की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते महीने डॉक्टर कारबॉट के बेटे ने अपना डीएनए सैंपल जांच के लिए दिया था जिससे पता चला था कि डॉक्टर कारबॉट कम से कम 19 अन्य बच्चों के पिता हो सकते हैं.
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