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पाकिस्तान ने कहा आधारहीन है अफ़ग़ानिस्तान का दावा
पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में हुए भीषण बम धमाके में शामिल होने के आरोपों का खंडन किया है.
बुधवार को काबुल में हुए आत्मघाती हमले में 90 लोग मारे गए थे और 350 से अधिक घायल हुए थे. अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान पर हमले में शामिल होने के आरोप लगाए थे.
अभी तक किसी चरमपंथी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. लेकिन अफ़ग़ानिस्तान का कहना है कि तालिबान समर्थित संगठन हक्कानी नेटवर्क ने पाकिस्तान की मदद से ये हमला किया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इन दावों को आधारहीन कहा है.
प्रवक्ता नफ़ीस ज़कारिया ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में स्थिरता पाकिस्तान के हित में है और अफ़ग़ानिस्तान अपनी नाकामी को छुपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रहा है जिससे कुछ होने वाला नहीं है.
पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान एक-दूसरे पर अपने-अपने देशों में हमले करवाने के आरोप लगाते रहे हैं.
धमाके के बाद अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान के साथ होने वाले सभी क्रिकेट संबंध भी रद्द कर दिए थे.
तालिबान ने इस हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है. अभी तक तथाकथित इस्लामिक स्टेट की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है.
इस्लामिक स्टेट की पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में सीमित उपस्थिति है और यह संगठन काबुल में हमलों की ज़िम्मेदारी लेता रहा है.
बुधवार को हुआ हमला हाल के वर्षों में काबुल में हुआ सबसे बड़ा हमला है.
विस्फ़ोटकों से भरे एक टैंकर ट्रक में जर्मनी के दूतावास के पास धमाका किया गया. बम के निशाने पर कौन था, अभी ये पता नहीं चल सका है, लेकिन मारे गए अधिकतर लोग अफ़गान नागरिक हैं.
बीबीसी के एक ड्राइवर मोहम्मद नज़ीर की भी इस धमाके में मौत हुई है. इस धमाके में कई दूतावासों की इमारतों को नुक़सान पहुंचा है जबकि पचास से अधिक वाहन जल गए हैं.
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